दुर्गापूजा पर तुगलकी फरमान वापस ले बिहार सरकार और प्रशासन : विहिप
दुर्गापूजा पर तुगलकी फरमान वापस ले बिहार सरकार और प्रशासन : विहिप
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दुर्गापूजा पर तुगलकी फरमान वापस ले बिहार सरकार और प्रशासन : विहिप

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बेगूसराय, 14 अक्टूबर (हि.स.)। बिहार सरकार द्वारा दुर्गा पूजा के संबंध में जारी दिशा-निर्देश एक प्रकार से दुर्गा पूजा को प्रतिबंधित करने की प्रशासनिक पदाधिकारियों की मनोवृत्ति को उजागर करता है। यह बातें विहिप के युवा आयाम बजरंगदल के सह प्रदेश संयोजक शुभम भारद्वाज और विहिप जिला मंत्री विकास भारती ने बुधवार को प्रेस वक्तव्य जारी कर कही है। उन्होंने कहा की आज बिहार में हजारों की संख्या में लोग चुनावी कार्यक्रमों में इकट्ठे हो रहे हैं। बाजार, सड़कें सभी जगह भारी भीड़ है। लेकिन बिहार के गृह सचिव को यह आत्मज्ञान कहां से आया कि कोरोना दुर्गा पूजा से ही फैल सकता है। शेष सभी भीड़-भाड़ वाली गतिविधियां कोरोना से रक्षा करेगी। जब कोरोना अपने चरम पर था, तो विहिप-बजरंगदल कार्यकर्त्ता समेत कई संगठन लोगों के बीच भोजन, दूध, दवा, मास्क, आदि वितरित कर रहे थे। लेकिन आज भगवती का भोग-प्रसाद बांटने की मनाही की जा रही है। पूजा मंडप में भजन बजाने से भी प्रशासन को कष्ट हो रहा है। सीधा क्यों नहीं कहते हैं कि हिन्दू पर्व-उत्सव-पूजा ही बिहार सरकार-प्रशासन, विशेषकर गृह सचिव आमिर सुबहानी को नापसंद है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक ओर तो वोट के लिए मुसलमानों की खुशामद कर रहे हैं, दूसरी ओर हिन्दुओं के प्रमुख पर्व दुर्गा पूजा को रोक रहे हैं। यह सब नीतीश कुमार, गृह सचिव अमीर सुबहानी तथा उनके पदाधिकारियों की हिन्दू विरोधी मानसिकता का परिचायक है। बिहार का धर्मनिष्ठ हिन्दू समाज ऐसे हिन्दूघाती षडयंत्रों को सफल नहीं होने देगा। अभी भी समय है, ऐसे तुगलकी फरमानों को वापस लीजिये। अन्यथा इसका दुष्परिणाम तत्कालीन व्यवस्था को चुनाव में भोगना पड़ सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र/चंदा-hindusthansamachar.in