दिनोंदिन तल्ख हो रहे हैं जदयू व लोजपा के रिश्ते
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दिनोंदिन तल्ख हो रहे हैं जदयू व लोजपा के रिश्ते

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जदयू की सौ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी लोजपा, प्रत्याशियों की सूची बनाने का काम शुरू संसदीय बोर्ड की बैठक में पार्टी के हर फैसले के लिए चिराग अधिकृत पटना, 07 सितम्बर (हि.स.) । बिहार में लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच तकरार अब सतह पर आ गई है। दोनों तरफ से एक-दूसरे को नीचा दिखाने की हर तरह की कोशिश की जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की जदयू से बढ़ती नजदीकियां अब लोजपा को रास नहीं आ रही है। एन डी ए के दो घटक दलों के बीच चल रही यह खींचतान अब इस मोड़ तक पहुंच चुकी है कि लोजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव में कुल 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। इनमें एक सौ सीटें ऐसी भी हैं जहां सत्तारूढ़ जदयू प्रत्याशियों के खिलाफ लोजपा अपने प्रत्याशी उतारेगी। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जदयू-लोजपा की इस लड़ाई में भाजपा की ख़ामोशी भी कई सवाल खड़े कर रही है। जदयू से तल्खी के बीच चिराग पासवान ने सोमवार को दिल्ली स्थित अपने आवास पर लोजपा संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई थी। बैठक में बिहार संसदीय बोर्ड के सभी सदस्य शामिल हुए। इसमें लोजपा के लिए सभी तरह के निर्णय लेने के लिए लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान को अधिकृत किया गया है। लोजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में बिहार की 143 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की सूची तैयार करने का निर्णय लिया गया है। पार्टी के इस निर्णय से यह स्पष्ट है कि लोजपा जदयू उम्मीदवारों के खिलाफ अपने प्रत्याशी उतारेगी। लोजपा सूत्रों की मानें तो लोजपा जदयू की करीब 100 सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारेगी। लोजपा यह मान कर चल रही है कि भाजपा के साथ सीट बंटवारे में 43 सीटें मिलेंगी। लिहाजा जदयू की सौ सीट और बाकी की 43 सीट यानी कुल 143 विस क्षेत्र से उम्मीदवार उतारने की तैयारी है। लोजपा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष राजू तिवारी ने बताया कि बोर्ड की बैठक में चिराग पासवान भी मौजूद थे। बैठक में सभी सदस्यों ने बिहार में होने वाली विधानसभा चुनाव के लिए अपनी राय रखी। बिहार संसदीय बोर्ड में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि पार्टी को 143 विधानसभा सीट पर प्रत्याशियों की सूची बनाकर जल्द केंद्रीय संसदीय बोर्ड को देनी है। राजू तिवारी ने बताया कि संसदीय बोर्ड में प्रधानमंत्री को कथित तौर पर कालिदास कहा गया उस पर भी चर्चा हुई, और निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। बिहार चुनाव में गठबंधन में क्या तय होता है, वह सभी फैसले लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को तय करने के लिए अधिकृत किया गया है। बता दें कि जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी कई बार कह चुके हैं कि जदयू का लोजपा से कोई गठबंधन नहीं है। जदयू का गठबंध भाजपा के साथ है। जदयू लगातार यह कहता रहा है कि लोजपा को भाजपा के साथ बात करनी चाहिए। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव रंजन/विभाकर-hindusthansamachar.in