तेजस्वी ने अशोक चौधरी को भी लिया निशाने पर
तेजस्वी ने अशोक चौधरी को भी लिया निशाने पर
बिहार

तेजस्वी ने अशोक चौधरी को भी लिया निशाने पर

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बैंक से धोखाधड़ी के मामले में चौधरी की पत्नी को बताया चार्जशीटेड सीबीआई कर रही है बैंक से करोड़ों की धोखाधड़ी की जाँच पटना, 22 नवम्बर (हि.स.) । बिहार विधानसभा चुनाव, 2020 के रिजल्ट में बेइमानी का आरोप लगाने वाले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार के गठन के बाद से ही हमलावर हो चुके हैं। नियुक्ति घोटाले के आरोपी कुछ घंटों के लिए शिक्षा मंत्री रहे मेवालाल चौधरी के इस्तीफे के बाद अब तेजस्वी के निशाने पर नीतीश कुमार के एक और मंत्री अशोक चौधरी भी आ गए हैं। तेजस्वी ने रविवार की सुबह अशोक चौधरी पर हमला करते हुए एक ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है साहित्यिक चोरी के दोषी मुख्यमंत्री माननीय नीतीश जी के मुकुट मणि, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष और मंत्री अशोक चौधरी की पत्नी पर बैंक से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप है। सीबीआई जाँच भी कर रही है और कोर्ट में केस लंबित है। इनकी निष्कपटता देखिए! कहते हैं बीवी का भ्रष्टाचार नौट ए बिग डील। दरअसल, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष और नीतीश कुमार सरकार में भवन निर्माण और समाज कल्याण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने एक निजी चैनल से बातचीत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर वर्ष 2009 में लगे हत्या के आरोप के एक सवाल के जवाब में कहा कि सिर्फ आरोप लगाने से कुछ नहीं होता है, जब तक चार्जशीटेड नहीं होता, उसका कोई मतलब नहीं है। ऐसे में कोई भी किसी पर आरोप लगा सकता है। वहीं, बैंक से धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई की ओर से पत्नी के चार्जशीटेड और मामला अंडर ट्रायल होने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हमलोगों को सुने बिना ही फैसला दे दिया। इसलिए फिर से सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि व्हाट्स ए बिग डील अबॉट इट। हमारा पक्ष सुना ही नहीं गया है, जब तारीख आएगी तो हमलोग अपनी बात सुप्रीम कोर्ट में रखेंगे। हाई कोर्ट से हमारा केस खारिज है तो आगे लड़ेंगे सो व्हाट्स ए बिग डील। बता दें कि मेवालाल चौधरी के इस्तीफे के बाद तेजस्वी ने सीएम नीतीश पर तंज कसते हुए कहा था कि- मैंने कहा था ना आप थक चुके हैं इसलिए आपकी सोचने-समझने की शक्ति क्षीण हो चुकी है। जानबूझकर भ्रष्टाचारी को मंत्री बनाया, थू-थू के बावजूद पदभार ग्रहण कराया और घंटे बाद इस्तीफ़े का नाटक रचाया। असली गुनाहगार आप हैं। आपने मंत्री क्यों बनाया?? आपका दोहरापन और नौटंकी अब चलने नहीं दी जाएगी? हिन्दुस्थान समाचार/राजीव रंजन/चंदा-hindusthansamachar.in