डीएम ने की जीविका समूह की समीक्षा बैठक
डीएम ने की जीविका समूह की समीक्षा बैठक
बिहार

डीएम ने की जीविका समूह की समीक्षा बैठक

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सहरसा,23 दिसंबर (हि.स.)।जीविका समूहों का गठन काफी मुश्किल से होता है। समूह से जुड़ी जीविका दीदियां गरीब महिलाएं होती है जो अपने जीवन स्तर को उपर उठाने के लिए जीविका के सहयोग से विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जीविकोपार्जन करती हैं। बैंक जीविका समूहों को क्रेडिट लिंकेज उपलब्ध कराकर इन्हें सहयोग करते हुए सशक्त करें। जिला स्तरीय परामार्श दात्री एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक में बुधवार को जिलाधिकारी कौशल कुमार बैंकरों को निर्देश दिए । समीक्षा के क्रम में जीविका समूहों को क्रेडिट लिंकेज प्रदान करने एवं खाता खोलने में बैंकों की उदासीनता पर असंतोष व्यक्त किया गया। जीविका डी.पी.एम. द्वारा बताया गया कि सभी बैंक जीविका समूहों के वित पोषण में सहयोग कर रहे हैं। लेकिन भारतीय स्टेट बैंक द्वारा इस वर्ष मात्र 68 समूहों को हीं क्रेडिट लिंकेज दिया गया है और जबकि 1550 आवेदन लंबित है। वहीं डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी भारतीय स्टेंट बैंक में 655 दीदीयों का खाता नहीं खोला जा सका है। पंचगछिया पहाड़पुर शाखा में काफी संख्या में जीविका के खाता खोलने संबंधी आवेदन लंबित होने की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने अगली बैठक के पूर्व खाता खोलने एवं क्रेडिट लिंकेज के संबंध में सभी शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर दूर करें। जहां तकनीकी कारणों से कठिनाई है उसकी सूचना तुरंत जीविका को दें। जीविका समूहों के एन.पी.ए. की समस्या जहां है डी.पी.एम. जीविका अनुश्रवण करते हुए समाधान करायें एवं उन्हें नियमित रूप से इस संबंध में प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। बैठक में मनरेगा, किसान सम्मान योजना, पेंशन योजना के अंतर्गत काफी संख्या में लाभुकों के खाते में बैंक स्तर से राशि हस्तांतरण नहीं होने की जानकारी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों द्वारा दी गई। हिन्दुस्थान समाचार/अजय-hindusthansamachar.in