जान जोखिम में डाल आने-जाने को विवश हैं बाढ़ प्रभावित

जान जोखिम में डाल आने-जाने को विवश हैं बाढ़ प्रभावित
जान जोखिम में डाल आने-जाने को विवश हैं बाढ़ प्रभावित

दरभंगा, 25 जुलाई (हि.स.)। पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण दरभंगा जिले की सभी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इसके कारण जिले के कई प्रखंडों में बाढ़ का पानी फैल गया है और बाढ़ से प्रभावित लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। ऐसी हालत मेें कुछ बाढ़ प्रभावित लोगों ने जुगाड़ टेक्नोलॉजी से अपनी जीवन शैली को पटरी पर लाने का प्रयास कर दिया है। हालांकि इसमें जान का जोखिम भी उठाना पड़ता है लेकिन जीने की विवशता ऐसी है कि वे जोखिम की परवाह नहीं कर रहे हैंं। कुछ ऐसे ही हालात से रूबरू हैं-गंगिया गाँव के बासिन्दे। जीवछ नदी में आये उफान के कारण बहादुरपुर प्रखंड की मेकनाबेदा पंचायत अंतर्गत गंगिया गांव में बनी सड़क तकरीबन 30 फीट तक बह गई है। इसके बाद आवागमन को सुगम करने के लिए स्थानीय ग्रामीणों ने बिजली का खंभा बिछाकर रास्ता बनाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बीती रात से ही बाढ़ का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है। पानी के तेज बहाव में सड़क टूट गयी और गांव का मुख्य सड़क से संपर्क टूट गया जिसके कारण सैकड़ोंं लोग बाढ़ के पानी में घिर गए हैंं। उन्होंने बताया कि पानी का बहाव इतना तेज था कि इनमें उतर का आना-जाना संभव नहीं रहा जिसके बाद संबंधित मुखिया और ग्रामीणों ने मिलकर सड़क के टूटे हिस्से पर बिजली का खंभा बिछाया। अब लोग उसी पर चल कर आ-जा रहे हैं। उधर मेकनाबेदा पंचायत के मुखिया मो. कलाम कहते हैं कि रात से यहां पानी के बहने की शुरुआत हुई है। उसके बाद से लगातार जिला प्रशासन से संपर्क में हैं लेकिन अभी तक सरकारी अमला का कहीं कोई अता-पता नहीं है। उन्होंने कहा कि करीब 50 घरोंं में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। सरकारी स्तर पर अभी तक ना तो पॉलीथिन शीट की व्यवस्था की गई है और ना ही सामुदायिक रसोई की। फिलहाल हमलोगों ने खुद से बिजली का पोल डालकर आवागमन को चालू तो करवा दिया है लेकिन इस अस्थायी व्यवस्था से काम चलने वाला नहीं है। पानी का बहाव काफी तेज है जिससे लोग काफी भयभीत हैं। हिन्दुस्थान समाचार/मनोज/विभाकर-hindusthansamachar.in

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