चाइल्ड सेंट्रिक डिजास्टर रिस्क रिडक्शन ' विषय पर विशेषज्ञों ने की चर्चा
चाइल्ड सेंट्रिक डिजास्टर रिस्क रिडक्शन ' विषय पर विशेषज्ञों ने की चर्चा
बिहार

चाइल्ड सेंट्रिक डिजास्टर रिस्क रिडक्शन ' विषय पर विशेषज्ञों ने की चर्चा

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गया, 23 दिसम्बर (हि.स.)।दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के राजनीति विभाग द्वारा ' चाइल्ड सेंट्रिक डिजास्टर रिस्क रिडक्शन ' विषय पर आयोजित तीन-दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन बुधवार को विशेषज्ञों ने आपदा से जुड़े पहुलओं पर चर्चा की। जन संपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मो. मुदस्सीर आलम ने बताया कि सीयूएसबी एवं एनआईडीएम के द्वारा संयुक्त तत्वाधान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में एनआईडीएम के डॉ. बालू (सीसीडीआर) ने ‘आपदा का प्रभाव और बच्चों का जीवन चक्र’ विषय पर अपनी बात रखी।उन्होंने बताया की बच्चे किसी भी तरह की आपदा से सबसे अधिक प्रभावित होते है।डॉ. बालू ने विशेष ज़ोर देकर कहा कि बच्चों पर आपदा का प्रभाव काफी लम्बे समय तक रहता है। उन्होंने आपदा के विभिन्न पहलुओं को उद्धृत करते हुए यह बताया की कोरोना महामारी के प्रकोप से बचने के लिए देशभर में लगे लॉकडाउन का प्रभाव बच्चो पर सबसे ज्यादा पड़ा है।डॉ. बालू ने आपदा से निबटने के तरीकों को बताते हुए कहा कि हम बाल केंद्रित जोखिम में कमी के लिए एक संभावित रास्ता खोज सकते हैं। कार्यशाला में एनआईडीएम के रंजन कुमार ने अपने सम्बोधन में कोविड-19 से संबंधित जागरूकता तथा आपदा प्रबंधन के मुलभुत पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से यह बताने की कोशिश की कि आपदा का स्वरुप, उसकी तीव्रता तथा व्यापकता समय के साथ-साथ लगातार बढती जा रही है। इसी कारण से हमें आपदा तथा आपदा प्रबन्धन को सम्पूर्ण रूप से देखने की आवश्यकता है। साथ ही श्री कुमार ने यह भी बताया की हम अपने सामूहिक प्रयासों से इस दिशा में एक प्रभावी निष्कर्ष को प्राप्त कर सकते हैं। राजनीति विज्ञान विभाग के डा. प्रणव कुमार ने कार्यक्रम का समन्वयन एवं सत्र का संचालन किया। राजनीति विज्ञान विभाग डा. अभय कुमार ने प्रतिभागियों के प्रश्नोत्तर सत्र का संचालन किया तथा शिक्षा विभाग के डा. मनीष कुमार गौतम ने पुरे सत्र का तकनीकी समन्वयन किया। डॉ.प्रणव कुमार ने बताया की गुरुवार (24 दिसम्बर) को भी ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम को आयोजित किया जाएगा जिसमें एनआईडीएम के विशेषज्ञ ' चाइल्ड सेंट्रिक डिजास्टर रिस्क रिडक्शन ' विषय पर अपने विचार एवं अनुभव को साझा करेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/पंकज कुमार-hindusthansamachar.in