चरम पर है नगर कार्यपालक पदाधिकारी की मनमानी,  आक्रोशित पार्षदों ने खोला मोर्चा
चरम पर है नगर कार्यपालक पदाधिकारी की मनमानी, आक्रोशित पार्षदों ने खोला मोर्चा
बिहार

चरम पर है नगर कार्यपालक पदाधिकारी की मनमानी, आक्रोशित पार्षदों ने खोला मोर्चा

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बेगूसराय, 12 सितम्बर (हि.स.)। बखरी नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी की कथित मनमानी से विकास कार्य ठप रहने और सरकारी राशि की लूट को लेकर चेयरमैन के बाद अब आक्रोशित पार्षदों ने भी मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने कार्यपालक पदाधिकारी राजेश कुमार पासवान पर सरकारी राशि का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। नगर पार्षद अनारसी देवी, आलम आरा, माधुरी देवी, कुमारी वीणा, मंजू देवी, उमेश रजक एवं रीता देवी ने संयुक्त रुप से पत्र लिखकर बताया है कि सभी सरकारी अधिकारी को अपने कार्य क्षेत्र में आवास रखने का निर्देश दिया जाता रहा है। बखरी में कई सरकारी भवन हैं, इसके बावजूद कार्यपालक पदाधिकारी बेगूसराय में आवास लेकर नहीं रखते और यहां रोज आते-जाते हैं। आरोप है कि कार्यपालक पदाधिकारी अपने निजी स्वार्थ के लिए वित्तीय कोष का दुरुपयोग करते हुए हर माह चार से पांच सौ लीटर डीजल पर 35 से 40 हजार रुपए खर्च करते हैं। इसके अलावा अपने घर कटिहार सप्ताह में दो दिन सरकारी वाहन से आते-जाते हैं। कार्यपालक पदाधिकारी जिस सरकारी वाहन का उपयोग कर रहे हैं, वह एजेंसी की है और नगर पंचायत उसपर प्रतिदिन 550 रुपया व्यय कर रही है। पार्षदों का कहना है कि नियम के अनुसार लोक निधि से किसी भी प्रकार के नगद भुगतान पर पाबंदी है, फिर किस आधार पर कार्यपालक पदाधिकारी लाखों रुपये का नगद भुगतान कर रहे हैंं। शहर की साफ-सफाई के लिए आमंत्रित निविदा में हर घर से कचरा उठाव के साथ ही नाला सफाई भी शामिल था। लेकिन सशक्त समिति के सदस्यों को भ्रम में रखकर उनके माध्यम से नाला सफाई के लिए अलग से प्रस्ताव पास करवा लिया गया और नाला सफाई एजेंसी के नाम पर करीब नौ लाख रुपए की बंदरबाट कर ली गयी है। मुख्य पार्षद गीता देवी कुशवाहा ने शनिवार को बताया कि कार्यपालक पदाधिकारी की मनमानी चरम पर है। हमने एक बार फिर से दो अलग-अलग पत्र लिखकर पार्षदों की मांग पर विशेष बैठक की तिथि निर्धारित करने तथा राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय योजनाओं की निविदा की स्वीकृति देकर कार्य आरंभ कराने के लिए कहा है। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र/विभाकर-hindusthansamachar.in