गंगा पुल आंदोलन के सिपाही राजू बाबू के शौर्य को आज भी मुंगेरवासी याद कर रहे हैं
गंगा पुल आंदोलन के सिपाही राजू बाबू के शौर्य को आज भी मुंगेरवासी याद कर रहे हैं
बिहार

गंगा पुल आंदोलन के सिपाही राजू बाबू के शौर्य को आज भी मुंगेरवासी याद कर रहे हैं

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मुंगेर, 21 नवम्बर (हि.स.)। मुंगेर और बेगूसराय के बीच गंगा नदी पर रेल पुल होकर जो सवारी एक्सप्रेस और मालगाड़ियां दौड़ रही हैं और गंगा नदी पर प्रस्तावित सड़क पुल निर्माणाधीन है, इस रेल सह सड़क पुल के लिए पन्द्रह वर्षों तक आंदोलन चलाने वाली गैर-राजनीतिक संस्था ‘‘ जागृति‘‘ के उपाध्यक्ष अभय कुमार अग्रवाल उर्फ राजू बाबू के अचानक चले जाने से सभी शोकाकुल हैं । उनका निधन कोरोना संक्रमण से लड़ने के क्रम में दिल्ली में दो दिन पूर्व हो गया । वे 62 वर्ष के थे । गंगा नदी पर रेल सह सड़क पुल निर्माण के लिए पन्द्रह वर्षों तक मुंगेरवासियों ने गैर-राजनीतिक संस्था ‘‘ जागृति‘‘ के तहत मुंगेर और पड़ोस के जिलों में अनवरत आंदोलन चलाया था । आंदोलनकारी के समक्ष मात्र एकमात्र मांग थीं - गंगा नदी पर रेल सह सड़क पुल । आंदोलनकारी हर जुलूस और प्रदर्शन में नारा लगाते थे --‘ नई क्रांति का नया बिगुल है, लक्ष्य हमारा गंगा पुल है ।‘ जागृति संस्था के अध्यक्ष मुंगेर के वरीय पत्रकार और अधिवक्ता स्व.काशी प्रसाद थे और मुंगेर के पूर्व सांसद ब्रह्मानन्द मंडल उपाध्यक्ष । यह आंदोलन इसलिए सफल हो सका चूंकि इस संस्था को पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व रक्षा मंत्री स्व.जार्ज फर्नांडिस, पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व.रामविलास पासवान और नीतीश कुमार वर्तमान मुख्यमंत्री का आर्शीवाद प्राप्त था । जागृति संस्था के मुंगेर नगर अध्यक्ष और भाजपा के वर्तमान जिला अध्यक्ष राजेश जैन कहते हैं कि अभय कुमार अग्रवाल उर्फ राजू बाबू पुल आंदोलन के एक मजबूत स्तंभ थे । पुल आंदोलन के लिए फंड के जुगाड़ के लिए वे अपने सिनेमा हाल में चैरिटी फिल्म शो‘‘ की निःशुल्क व्यवस्था करते थे । राजेश जैन आगे बताते हैं कि अभय कुमार अग्रवाल को मुंगेर में गंगा नदी पुल निर्माणा का ऐसा जुनून था कि वे पुल आंदोलन के हरेक आंदोलनात्मक कार्यक्रम में शरीक होते थे । एक बार कांग्रेस के एक पूर्व सांसद के गुर्गों ने पुल आंदोलन से उन्हें हंट जाने की धमकी भी दी थीं । धमकी देने वालों ने उन्हें उनके व्यापार को नुकसान करने की भी चेतावनी दीं । परन्तु, उन्होंने जिन्दगी और व्यापार को दाॅव पर रखकर पुल आंदोलन में पन्द्रह वर्षों तक लगातार सक्रिय रहे । जागृति संस्था के उपाध्यक्ष कमल कुमार कमल ने अभय कुमार अग्रवाल के निधन को अपूरणीय क्षति की संज्ञा दी है । उन्होंने कहा कि संस्था के वे एक सच्चे सिपाही थे । पुल आंदोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकत्र्ता और राजद के वर्तमान जिला प्रव क्ता मंटू शर्मा कहते हैं कि राजू बाबू का किसी से मिलने का अंदाज ही निराला था । वे किसी को पहली मुलाकात में मुस्कुराकर दिल जीत लेते थे । हिन्दुस्थान समाचार /श्रीकृष्ण-hindusthansamachar.in