खगड़िया जिले में तीन नदियां खतरे के निशान से ऊपर
खगड़िया जिले में तीन नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बिहार

खगड़िया जिले में तीन नदियां खतरे के निशान से ऊपर

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खगड़िया, 30 जुलाई (हि.स.)। खगड़िया जिला में कोशी, बागमती और बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर गुरुवार को जहां खतरे के निशान से ऊपर है, वहीं गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। बागमती नदी खतरे के निशान से 2.64 मीटर कोसी नदी खतरे के निशान से 1.90 मीटर तथा बूढ़ी गंडक नदी है खतरे के निशान से 0.17 मीटर ऊपर बह रही है। वर्षापात पिछले साल के आंकड़े से 6.30 प्रतिशत अधिक हो गया है। पिछले 24 घंटे में 37.9 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है। जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने बताया कि जिले के सारे तटबंध सुरक्षित हैं। खगरिया में बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल एक के अधीन 4 तथा प्रमंडल दो के अधीन 13 स्थानों पर गठबंधन की मरम्मत का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि नदी के तटवर्तीय 36 पंचायत के 95 गांव की करीब 79 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों के लिए एक रिलीफ कैम्प और 7 कम्यूनिटी किचन का संचालन किया जा रहा है। अब तक 5 हजार से अधिक फ़ूड पैकेट और एक हजार से अधिक पॉलिथीन शीट्स का वितरण प्रभावित परिवारों के बीच किया जा चुका है। बाढ़ प्रभावित लोगों के आवागमन के लिए 26 सरकारी तथा 61 निजी नावों को लगाया गया है। पड़ोसी जिले बेगूसराय तथा समस्तीपुर के अधीन विभिन्न तथा बंधु के टूटने की अफवाह से लोग परेशान दिखते हैं। बेगूसराय जिले के वसई नामक स्थान पर तटबंध में पानी का दबाव बना हुआ है जिसको लेकर खगरिया में भी लोगों को चिंतित देखा जा रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन से सभी तटबंधों की स्थिति की आधिकारिक जानकारी लोगों को देने का आग्रह किया है। उल्लेखनीय है कि खगरिया शहर में जब कभी बाढ़ आई है वह समस्तीपुर और अन्य जिलों के बाढ़ से प्रभावित होकर ही आया है। पहली बार 1987 में भयंकर बाढ़ का सामना लोगों ने किया उसके बाद आधा दर्जन बार बाढ़ की विभीषिका जिला मुख्यालय के उत्तरी भाग को प्रभावित कर चुकी है। खगड़िया शहर के दक्षिण में बूढ़ी गंडक नदी का बांध है जबकि दक्षिण में कोसी और बागमती नदी का तटबंध है। दोनों तटबंधों के बीच में फंसकर जो पानी समस्तीपुर जिले के रोसरा और बेगूसराय जिले के बखरी होते हुए खगरिया जिले की सीमा में प्रवेश करता है, वह जलजमाव कोसी का जलस्तर कम होने के इंतजार में लोगों को रुलाता रहता है। क्योंकि कोसी और बागमती का जलस्तर कम होने के बाद शहर में फंसा पानी कोसी नदी में डाला जाता है। हिन्दुस्थान समाचार/ अजिताभ/चंदा-hindusthansamachar.in