कुलपति ने किया  विश्वविद्यालय पंचांग का ऑनलाइन विमोचन
कुलपति ने किया विश्वविद्यालय पंचांग का ऑनलाइन विमोचन
बिहार

कुलपति ने किया विश्वविद्यालय पंचांग का ऑनलाइन विमोचन

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दरभंगा, 30 जुलाई (हि.स.)। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय से प्रकाशित तथा पूरे देश में चर्चित विश्वविद्यालय पंचांग 2020-21 का गुरुवार को गूगल मीट एप के जरिये कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने ऑनलाइन विमोचन किया। इस तरह कोरोना संक्रमण काल के कारण पंचांग प्रकाशन में हो रहे विलम्ब से उत्पन्न ऊहापोह की स्थिति खत्म हो गयी है और विश्वविद्यालय पंचांग अब आमजनों के लिए बाजार में बिक्री के लिए सुलभ हो जाएगा। ऑनलाइन विमोचन के मौके पर विश्ववविद्यालय के लगभग सभी पदाधिकारी एप के माध्यम से जुड़े रहे। कुलपति प्रो. सिंह ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि विपरीत समय के बावजूद विश्वविद्यालय ने पंचांग का प्रकाशन कर ऐतिहासिक कार्य किया है। पंचांग सामग्री के समायोजन में लगे सभी विद्वानों को भी उन्होंने धन्यवाद दिया। इसके पूर्व कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डीन प्रो. शिवकांत झा ने विश्वविद्यालय पंचांग की महत्ता और सर्वकालिक उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रो. झा ने पंचांग प्रकाशन में आ रही प्रशासनिक बाधाओं को हरसम्भव दूर करने के लिए कुलपति के प्रति आभार व्यक्त किया। यह जानकारी देते हुए उपकुलसचिव निशिकांत सिंंह ने बताया कि माह आश्विन के अधिमास यानी मलमास होने के कारण इस बार पंचांग के कुल 46 पेज रखे गए हैं। इसकी डुप्लीकेसी न हो इसके लिए विश्वविद्यालय का होलोग्राम भी पंचांग के मुख्य पृष्ठ पर चिपकाया गया है। पंचांग प्रकाशन की जिम्मेदारी स्थानीय गुल्लोंबाड़ा के बाला जी ऑफसेट प्रेस को दी गयी है। मालूम हो कि 1978 से विश्वविद्यालय पंचांग का प्रकाशन जारी है। मूलतः मिथिला की संस्कृति व परम्पराओं को आधार मानकर पंचांग में शुभ मुहूर्त व तिथि का निर्धारण किया जाता है। पंचांग की व्यापकता देश-विदेश तक फैली हुई है। इसके विमोचन से पर्व -त्योहारों के समय-तिथि को लेकर चल रही ऊहापोह की स्थिति अब खत्म हो गयी है। हिन्दुस्थान समाचार/मनोज/हिमांशु शेखर/विभाकर-hindusthansamachar.in