कुपोषण मुक्ति के लिए शुरू हो गया अपनी क्यारी-अपनी थाली अभियान
कुपोषण मुक्ति के लिए शुरू हो गया अपनी क्यारी-अपनी थाली अभियान
बिहार

कुपोषण मुक्ति के लिए शुरू हो गया अपनी क्यारी-अपनी थाली अभियान

news

बेगूसराय, 07 सितम्बर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी योजना कुपोषण मुक्त भारत निर्माण के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रक्रिया लगातार जारी है। इसी कड़ी में अब 'अपनी क्यारी अपनी थाली, अब हर घर में इम्यूनिटी की हरियाली' के नाम से एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत के प्रथम चरण में सभी प्रखंड के एक गांव में सभी घरों में पोषण वाटिका विकसित किया जाएगा। मटिहानी प्रखंड के मटिहानी-एक के हर घर में सामूहिक रूप से पोषण वाटिका विकसित करने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। कृषि विज्ञान केंद्र, समेकित बाल विकास परियोजना और पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से नीति आयोग द्वारा चयनित आकांक्षी जिला बेगूसराय में यह प्रयास हो रहा है। राष्ट्रीय पोषण मिशन के मटिहानी प्रखंड परियोजना सहायक पिंकल कुमार ने बताया कि कुपोषण, एनीमिया और अल्पवजन से समुदाय को बचाने के लिए अब 'अपनी क्यारी अपनी थाली' योजना आंगनबाड़ी से निकालकर गांव के आम लोगों तक पहुंचाने का काम शुरू किया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों में जमीन का अभाव और सही ढंग से देखभाल नहीं होने के कारण यह फैसला राज्य सरकार ने लिया है। आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े लाभार्थियों के घर के पास या निजी जमीन पर पोषण वाटिका लगाई जाएगी, ताकि लाभार्थी खुद देखभाल करें और उसका लाभ ले सकें।उन्होंने बताया बीते वर्ष हुए सर्वे में पता चला कि राज्य में विशेषकर पांच साल के अंदर के बच्चों में कुपोषण अधिक है। पांच साल से कम आयु के 42 प्रतिशत बच्चे नाटेपन के शिकार हैं। सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी, विटामिन ए, बी, बी 12, आयरन और जिंक विशेषकर किशोरावस्था में अधिक होती है। इसी से निपटने के लिए आईसीडीएस एवं बिहार कृषि विश्वविद्यालय की पार्टनरशिप में आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिका की शुरुआत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र/चंदा-hindusthansamachar.in