काकी चलू वोंट द देलिए भाँनसों बनाबय पड़तै ।
काकी चलू वोंट द देलिए भाँनसों बनाबय पड़तै ।
बिहार

काकी चलू वोंट द देलिए भाँनसों बनाबय पड़तै ।

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निर्मली,07 नवम्बर (हि. स.)।काकी झटपट चलू ,भानसों बनावय पड़तै । वोंट त द देलियै । आव जकर नसीव हैते से जीतत। सुबह के साढ़े आठ बज रहा था ।डगमारा मिडिल स्कूल बूथ नम्बर 22 और 23 पर वोट डाल चार पांच महिलाये अपने घर लौट रही थी । हाथों में पहचान पत्र थामे सड़क पर चल रही एक विवाहिता अपने साथ मतदान की बातों में लीन उम्रदराज महिला को यह कहते हुए अपनी चाल तेज कर दी । वह चार पांच महिलायें आपस मे जिसकों वोट देकर आयी थी उसी की बाबत बतिया रही थी । वृद्ध महिला बार बार अपनी उमीदवार की जीत को पक्का बता साथी महिलाओं से भी हामी लेना चाह रही थी । इसी पर रिश्ते में पुतोहु लगने वाली एक महिला इस बहस को विराम देने के लिए कह उठी कि जिसे वोट देना था दे आयी अब उसका नसीब काम करेगा । चारों-पांचों महिलाएं सुबह के कुल माहौल में वोट डालने आयी थी । मतदान के बाद उन्हें घर की चिन्ता सताने लगी थी ।सुबह उठते ही सीधे वोट डालने प्रायः हर मतदान केंद्रों पर अधिकांश महिलाएं पहुंच गयी थी । सुबह सात बजे मतदान शुरू होने तक महिलाओं की लम्बी लाइन लग गयी थी । हर कोई तीखी धूप से बचने के लिए अपना अपना वोट पहले डाल लौटने की फिराक में थी । हिन्दुस्थान समाचार /सुनिल-hindusthansamachar.in