एंबुलेंसकर्मी की पिटाई पर दोषी पुलिसकर्मी के विरुद्ध  होगी एफआईआर , सिविल सर्जन ने अख्तियार किया कड़ा रुख
एंबुलेंसकर्मी की पिटाई पर दोषी पुलिसकर्मी के विरुद्ध होगी एफआईआर , सिविल सर्जन ने अख्तियार किया कड़ा रुख
बिहार

एंबुलेंसकर्मी की पिटाई पर दोषी पुलिसकर्मी के विरुद्ध होगी एफआईआर , सिविल सर्जन ने अख्तियार किया कड़ा रुख

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बिहारशरीफ, 17 जुलाई (हि.स.)। एम्बुलेंस कर्मी की पिटाई के मामले में नालंदा के सिविल सर्जन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए शुक्रवार को दोषी पुलिसकर्मी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। दरअसल रहुई के एंबुलेंस कर्मी मनीष कुमार की पुलिस ने बर्बरतापूर्वक पिटाई कर दी थी जिसके कारण उसे गंभीर हालत में पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। इधर दूसरी तरफ एंबुलेंसकर्मी की पिटाई के विरोध में नालंदा के सभी पुलिसकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दोषी पुलिसकर्मी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ राम सिंह ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि किसी भी पुलिस को किसी भी कर्मी पर हाथ उठाने का अधिकार नहीं है ऐसे में एंबुलेंस कर्मी के साथ की गई पिटाई न केवल निंदनीय है, बल्कि कोरोना के समय अपनी जान को जोखिम में डालकर काम करने वाले ऐसे कर्मियों के साथ पुलिस का व्यवहार किसी भी मायने में सही नहीं ठहराया जा सकता। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सुबह पुलिस द्वारा एक घायल व्यक्ति को सदर अस्पताल पहुंचाने के लिए कहा गया लेकिन एंबुलेंस कर्मी मनीष कुमार ने रहुई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित होने के कारण बिहारशरीफ अस्पताल लाने की जगह रहुई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की बात कही। इसी बात को लेकर पुलिस भड़क गई और डंडे से बेरहमी से इसकी पिटाई कर दी। घायल एंबुलेंसकर्मी को पावापुरी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया वहां से फिर से बिहारशरीफ सदर अस्पताल लाया गया जहां से गंभीर हालत को देखते हुए पीएमसीएच रेफर कर दिया गया है। इस बीच एंबुलेंस संघ के जिलाध्यक्ष अमित पांडेय ने कहा है कि वर्तमान समय में हमारे एंबुलेंस कर्मी कोरोना फाइटर के रूप में अपना योगदान दे रहे हैं बाबजूद इसके हमारे ऊपर पुलिस दमनात्मक करवाई कर रही है। ऐसे में जबतक दोषी पुलिस के ऊपर कार्रवाई नहीं होती है तबतक हमारी हड़ताल जारी रहेगी। हिन्दुस्थान समाचार/प्रमोद पाण्डेय/हिमांशु शेखर/विभाकर-hindusthansamachar.in