आम बोलचाल में हिंदी का अधिक से अधिक करें प्रयोग
आम बोलचाल में हिंदी का अधिक से अधिक करें प्रयोग
बिहार

आम बोलचाल में हिंदी का अधिक से अधिक करें प्रयोग

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गया, 15 सितंबर (हि.स.) हिन्दी हमारी मातृभाषा है और हमें ये प्रयास करना चाहिए कि हम आम बोलचाल एवं रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में अपनी मातृभाषा का अधिक-से-अधिक इस्तेमाल करें।यह तथ्य है कि हमारे देश में हज़ारों बोलियां बोली जाती हैं और कोस-कोस की दूरी पर भी स्थानीय बोली बदल जाती है। इसलिए स्थानीय बोली के शब्दों को हिन्दी के शब्दों के आत्मसात कर ही हिन्दी भाषा का विकास सुनिश्चित हो सकता है। उक्त बातें दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के कुलपति प्रोफेसर हरिश्चंद्र सिंह राठौर ने मंगलवार को विवि में आयोजित हिन्दी दिवस पखवाड़ा के अंतर्गत कहीं। उन्होंने कहा कि हिन्दी भाषा के विकास में नई शिक्षा नीति 2020 मील का पत्थर साबित होगा। कुलपति प्रो. राठौर ने आम बोलचाल के साथ-साथ विवि के आधिकारिक कार्यों में हिंदी भाषा के अधिक-से-अधिक इस्तेमाल करने का आह्वान किया। जन सम्पर्क पदाधिकारी मो मुदस्सीर आलम ने बताया कि दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय में 14 से 28 सितम्बर के बीच हिन्दी पखवाड़ा मनाया जा रहा है। उपकुलसचिव सह राजभाषा प्रकोष्ठ प्रभारी प्रतीश कुमार दास ने हिन्दी दिवस और पखवाड़े के कार्यक्रमों का विवरण प्रस्तुत किया। हिंदुस्थान समाचार/पंकज/चंदा-hindusthansamachar.in