आठ साल में नहीं मिला पर्चा की जमीन पर कब्जा तो छह परिवार बैठ गए भूख हड़ताल पर
आठ साल में नहीं मिला पर्चा की जमीन पर कब्जा तो छह परिवार बैठ गए भूख हड़ताल पर
बिहार

आठ साल में नहीं मिला पर्चा की जमीन पर कब्जा तो छह परिवार बैठ गए भूख हड़ताल पर

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बेगूसराय, 23 दिसम्बर (हि.स.)। सरकार भले ही सभी भूमिहीनों को मुफ्त में जमीन एवं आवास योजना का लाभ देने की घोषणा कर रही हो। लेकिन हाईकोर्ट के आदेश पर अंचलाधिकारी द्वारा कब्जा दिलाए जाने के बाद भी अल्पसंख्यक समुदाय के दबंग व्यक्ति द्वारा मारपीट कर सभी को भगा दिया गया है। जिसके बाद कहीं से भी न्याय नहीं मिलने पर बुधवार से पीड़ित परिवार समाहरणालय के दक्षिणी द्वार पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। परिवार के सभी पुरुष और महिला सदस्य जहां अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वहीं छोटे-छोटे बच्चों को भी हड़ताल पर बैठाया गया है। इस संबंध में पीड़ित रंजना देवी, चांदनी देवी, खुशबू देवी, चंदन राम एवं संतोष राम आदि ने बताया कि नावकोठी प्रखंड क्षेत्र के हसनपुर बागर निवासी हम छह परिवारों को 2013-14 में सरकारी गैरमजरूआ जमीन का पर्चा दिया गया। लेकिन बगल के जमीन मालिक रब्बान मियां द्वारा तबाह किया जा रहा है। पर्चा मिलने के बाद रब्बान मियां कोर्ट में चले गए, जहां की उच्च न्यायालय से हम लोगों के पक्ष में फैसला आया। 2017 में हम लोगों ने जब वह इंदिरा आवास का काम शुरू किया तो मौके पर मौजूद करीब तीन लाख की सामग्री क्षतिग्रस्त कर दिया गया। हम महादलित परिवार के लड़की के अपहरण का भी प्रयास किया गया। तब से लेकर आज तक चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कहीं से न्याय नहीं मिल रहा है। जान मारने की धमकी दी जा रही है, डर के मारे आठ साल से गांव में कोई लोग नहीं रह रहे हैं। कोई दिल्ली तो कोई अपने मायके और ससुराल में रह रहा है। दिल्ली में भी लॉकडाउन लगने के बाद काम बंद होने से हम लोगों को भगा दिया गया। अब बेघर है तो समाहरणालय के समक्ष भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अपराधी के द्वारा मारे जाने से बेहतर है अपने हक के लिए संघर्ष करके हाकिम के सामने मर जाना। इन लोगों का आरोप है कि बासभूमि के नाम पर आठ वर्षों से गांव के कई लोगों से झगड़ा कराया गया। अंचलाधिकारी और उसके सहयोगी अवैध उगाही करते हैं। चिन्हित भूमि पर अवैध मकान खड़ा कराया गया है। हमारे परिवार के साथ लूट, छेड़खानी और अपमानित कराया जाता है। हम लोगों से पैसा ठग लिया गया है। अगर कहा गया बात सत्य नहीं है तो हमें फांसी दे दिया जाए, हमारा नारको टेस्ट कराया जाए। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र-hindusthansamachar.in