आज भी गांवों में जिंदा है 'हुक्का पाती' की परंपरा
आज भी गांवों में जिंदा है 'हुक्का पाती' की परंपरा
बिहार

आज भी गांवों में जिंदा है 'हुक्का पाती' की परंपरा

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बेगूसराय, 13 नवम्बर (हि.स.)। शनिवार को मनाए जाने वाले दीपों के पर्व दीपावली की सारी तैयारी पूरी हो चुकी है। आधुनिकता के इस दौर में लोगों ने घरों की साफ-सफाई कर उसे विभिन्न रंगों से रंग कर सजा दिया है। डिजिटल जमाने में विभिन्न प्रकार के रंगीन बल्बों से आकर्षक डेकोरेशन किए गए हैं। लक्ष्मी-गणेश की मिट्टी की प्रतिमा के अलावे नए-नए किस्म की प्रतिमाएं खरीद ली गई है। दीपावली के उमंग पर आधुनिकता का रंग पूरी तरह से हावी हो गया है। बावजूद इसके आज भी 'हुक्का पाती' को लोग नहीं भूले हैं। शहर में 'हुक्का पाती' का प्रचलन भले ही धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है। लेकिन गांव में आज भी इसका जोश खरोश जारी है। दीपावली की शाम हुक्का पाती खेलने के लिए शुक्रवार को लोगों ने संठी (एक प्रकार की लकड़ी) की जमकर खरीदारी की और हुक्का पाती बनाकर तैयार कर लिया। दीपावली की शाम लक्ष्मी-गणेश पूजन के बाद हर घर में हुक्का पाती के सहारे लक्ष्मी को घर के अंदर और दरिद्र को बाहर किया जाएगा। पुराने समय से परंपरा चली आ रही है कि कई संठी को मिलाकर कम से कम पांच जगहों पर बांध दिया जाता है। उसके बाद पूजा घर के गेट पर जलाए गए दीपक में उसे प्रज्जवलित कर तीन बार घर के बाहर लाकर बुझाया जाता है। उसके बाद अंतिम बार घर के सभी पुरुष सदस्य उसे हाथ में लेकर अपने पूरे परिसर का भ्रमण करते हैं और लकड़ी जब छोटी बच जाती है तो पांच बार उसे लांघ कर बुझा दिया जाता है। कहा जाता है कि इस परिपाटी से घर में हमेशा लक्ष्मी का वास होता है। पहले गांव-गांव में संठी की खेती होती थी और दीपावली के समय मुफ्त में लोग उसे बांटते थे। लेकिन अब एक और जहां खेती कम हो गई है, वहीं बांटने वाले भी समाप्त हो गए हैं और संठी बाजारों में बिक रहा है। गांव से लेकर शहर तक के तमाम बाजारों में धनतेरस के दिन से ही संठी की खूब बिक्री हो रही है। लेकिन इसकी सबसे अधिक बिक्री शुक्रवार को सुबह से हो रही है। संठी शहर में भी लाए गए हैं, लेकिन शहरी चकाचौंध में लोग उसे भूल रहे हैं। एक दो कमरे में रहने वाले लोग करें भी तो क्या, उनके पास जगह नहीं है कि वह हुक्का पाती खेल सकें। लेकिन गांव में किसी भी पर्व का रंग हमेशा चटख होता है और इसी कड़ी में गांव के घर-घर में हुक्का पाती बनाकर तैयार कर लिए गए हैं। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र/चंदा-hindusthansamachar.in