अरुण सिन्हा ने कुम्हरार से, संजीव चौरसिया ने दीघा से तो पुष्पम प्रिया ने बांकीपुर से किया नामांकन
अरुण सिन्हा ने कुम्हरार से, संजीव चौरसिया ने दीघा से तो पुष्पम प्रिया ने बांकीपुर से किया नामांकन
बिहार

अरुण सिन्हा ने कुम्हरार से, संजीव चौरसिया ने दीघा से तो पुष्पम प्रिया ने बांकीपुर से किया नामांकन

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काली पाण्डेय ने बदला पाला, कांग्रेस के सिम्बल पर कुचायकोट से किया नामांकन रामा सिंह की पत्नी वीणा सिंह महनार से तो कुंदन सिंह ने बेगूसराय से भरा नामांकन का परचा पटना, 14 अक्टूबर (हि.स.) । बिहार विधान सभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान वाले विधानसभा क्षेत्रों से सूबे का कई कद्दावर नेताओं ने बुधवार को अपना नामांकन किया। राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन से मुख्यमंत्री के उम्मीदवार व लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने अपना नामांकन का परचा दाखिल किया तो लोजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद काली पाण्डेय ने लोजपा छोड़ कांग्रेस का न सिर्फ दामन थाम लिया बल्कि कुचायकोट से उन्होंने कांग्रेस के सिम्बल पर अपना नामांकन भी कर दिया। इधर, पटना समाहरणालय में भी बुधवार को नामांकन करने वाले प्रत्याशियों का मेला लगा रहा। यहां कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक अरुण कुमार सिन्हा, दीघा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के संजीव चौरसिया, बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से प्लुरल्स पार्टी से पुष्पम प्रिया चौधरी , वैशाली से लोजपा के पूर्व बाहुबली सांसद रामा सिंह की पत्नी वीणा सिंह ने महनार से तो बेगूसराय से भाजपा प्रत्याशी कुंदन सिंह ने भी अपना नामांकन कर दिया है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान के करीबी रहे बाहुबली नेता काली पांडेय ने लोजपा छोड़ दी है। वह कांग्रेस में शामिल होकर कुचायकोट से कांग्रेस के सिंबल पर चुनावी मैदान में कूद गए हैं। काली पांडेय के बारे में बताया जाता है कि वह रामविलास पासवान के सबसे करीबी थे लेकिन रामविलास पासवान के निधन के बाद उन्होंने लोजपा छोड़ दी । चिराग पासवान के एनडीए छोड़ने के फैसले का वह विरोध कर रहे थे। लेकिन चिराग अपने फैसले पर कायम थे और 143 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला ले लिया। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव रंजन /विभाकर-hindusthansamachar.in