vasant-panchami-celebrated-with-great-pomp-across-assam
vasant-panchami-celebrated-with-great-pomp-across-assam
असम

पूरे असम में धूमधाम से मनायी गयी वसंत पंचमी

news

-शिक्षण संस्थानों में सज-धजकर पूजा करने पहुंचे विद्यार्थी गुवाहाटी, 16 फरवरी (हि.स.)। पूरे देश के साथ असम में भी बसंत पंचमी का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। इस दिन को मां सरस्वती की पूजा का विशेष दिन के रूप में मानाया जाता है। मां सरस्वती को बुद्धि और विद्या की देवी हैं। बसंत पंचमी के अवसर पर मां सरस्वती की भक्ति-भाव से मंगलवार को घर, मंदिरों के साथ ही सभी शिक्षण संस्थानों में वंदन और पूजन किया गया। विभिन्न स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालय तथा शिक्षण संस्थानों में सुबह से ही धूमधाम से सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया। स्कूल व कॉलेजों में सुबह से पूजा अर्चना आरंभ हुई जो दोपहर बाद तक जारी रही। सरस्वती पूजा को लेकर छात्र-छात्राओं में व्यापक उत्साह देखा गया। स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, सरकारी व गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों में भी धूमधाम से सरस्वती पूजा मनाया गया। पूजा के लिए बेहद सुंदर तरीके से मंडप सजाकर उसमें मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित कर पूजा का आयोजन किया गया। पूजा के बाद पुष्पांजलि देने के लिए विद्यार्थियों में होड़ दिखायी दी। इस मौके पर लोगों ने घरों में भी विशेष तौर पर शिक्षक व विद्यार्थियों ने ज्ञान की देवी मां सरस्वती का पूजन कर मंगल कामना का आशीर्वाद लिया। हिंदू पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी का शुभ मुहूर्त 16 फरवरी मंगलवार को सुबह तड़के 03 बजे से शुरू हुआ। बसंत पंचमी के साथ बसंत ऋतु का भी आगमन होता है। इस दिन से मौसम भी बेहद सुहाना होने लगता है। मौसम में बदलाव आने के चलते न ज्यादा ठंड होती है और न ही अधिक गर्मी होती है। प्रत्येक वर्ष माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है। पिछले साल कोरोना की वजह से बसंत पंचमी का त्यौहार नहीं मनाया गया। इस बार विभिन्न सरकारी, गैर सरकारी स्कूल कॉलेजों में पूजा का आयोजन किया गया। कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी जगह पर भीड़ को नियंत्रित किया गया। हालांकि, मास्क का उपयोग न के बराबर दिखा। हिन्दुस्थान समाचार/ देबोजानी/ अरविंद-hindusthansamachar.in