बंद पड़े धान के गोदाम को पुनर्जीवित करने की किसानों ने की मांग

बंद पड़े धान के गोदाम को पुनर्जीवित करने की किसानों ने की मांग
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गुवाहाटी, 13 मई (हि.स.)। गुवाहाटी के बाहरी इलाका खेत्री थाना क्षेत्र के मालयबारी के किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिसको लेकर स्थानीय किसान काफी नाराज हैं। असम में दूसरे पंजाब के नाम से जाने जाने वाला सोनापुर राजस्व चक्र कार्यालय के मालयबारी में इन दिनों हजारों बीघा जमीन पर बोरो धान की खेती की गई है। किसान अपने धान की कटाई के बाद बेचने के लिए काफी चिंतित हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि आज से लगभग 12 साल पूर्व मालयबारी में धान की फसल बेचने के लिए एक बाजार और भंडारण के लिए ग्रामीण गोदाम बनाया गया था। जो अब खंडहर में तब्दील हो गया है। करोड़ों रुपए खर्च कर किसानों के लिए गोदाम और बाजार की व्यवस्था की गई थी। लेकिन, किसानों को इससे जरा भी लाभ नहीं हुआ। स्थानीय किसानों का कहना है कि अगर हम अपनी धान को सरकारी योजना के तहत अपने गांव में ही बेच देते तो हमें काफी मुनाफा मिलता। लेकिन, गोदाम और बाजार होने के बावजूद भी हमें सुविधा नहीं मिल पा रहा है। अन्य व्यापारी इसका लाभ उठा रहे हैं। स्थानीय किसानों ने नई सरकार से किसानों के लिए बनाए गए गोदाम और बाजार को पुनर्जीवित किए जाने की मांग की है। हिन्दुस्थान समाचार /असरार/ अरविंद

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