लॉकडाउन का असर, पढ़ाई छोड़ बच्चे बेचने लगे सब्जी
लॉकडाउन का असर, पढ़ाई छोड़ बच्चे बेचने लगे सब्जी
असम

लॉकडाउन का असर, पढ़ाई छोड़ बच्चे बेचने लगे सब्जी

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धेमाजी (असम), 23 जुलाई (हि.स.)। दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए पूरे देश के साथ असम में भी सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा किया था। लॉकडाउन के चलते काफी समय तक दुकानें, बाजार सभी बंद रहे। इसलिए अब मुश्किल से लोगों का गुजारा हो रहा है, खासकर गरीब, मेहनत-मजदूरी करनेवाले लोगों का। कोरोना ने दैनिक मजदूरों को बेजार कर दिया है। जिंदगी चौराहे पर लोगों को खड़ा कर दिया है, खासकर बच्चों का जीवन। स्वयं को बचाए रखने के लिए आज बच्चे भी जीवन संग्राम में जुट गए हैं। हर कोई इस समस्या से बाहर निकलने की कोशिशों में जुटा हुआ है। इस कड़ी में धेमाजी जिला के महिढल लालुंग में राष्ट्रीय राजमार्ग-15 तिनाली इलाके में सड़क किनारे कुछ बच्चों ने सब्जी की दुकान लगाकर बैठ गये हैं। ज्ञात हो कि यहां के 80 फीसद लोग कृषि कार्य पर निर्भर हैं। धेमाजी जिला के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों धान की रोपाई हो रही है। वहीं कुछ बच्चे स्कूल बंद होने के चलते सड़क के किनारे सब्जी की दुकान लगाकर घर में कुछ पैसे लाने की कोशिश करने में जुट गए हैं। गत मार्च महीने से विद्यालय बंद हैं। ग्रामीण इलाकों के सभी बच्चों के पास एंड्राइड मोबाइल फोन नहीं है। जिसके चलते वे ऑनलाइन क्लास नहीं कर पा रहे हैं। विद्यालय बंद रहने से घर में बैठे-बैठे बच्चे बोर हो रहे हैं। ऐसे में कुछ बच्चों ने सब्जी बेचकर कुछ आमदनी का रास्ता खोज रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ देबोजानी/ अरविंद-hindusthansamachar.in