राष्ट्रीय आदर्श शिक्षा संसद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न
राष्ट्रीय आदर्श शिक्षा संसद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न
असम

राष्ट्रीय आदर्श शिक्षा संसद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

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-संसद का कार्य युद्ध स्तर पर जारी गुवाहाटी, 26 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय आदर्श शिक्षा सांसद के कार्य को लेकर एक महत्त्वपूर्ण बैठक का आयोजोन किया गया था। प्रख्यात शिक्षाविदों की मौजूदगी में इस बैठक का आयोजन किया गया था। असम साहित्य सभा के तत्वावधान में गठित स्वतंत्र न्यास राष्ट्रीय आदर्श शिक्षा संसद के शैक्षिक कामकाज को अब युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। पांच स्कूलों को पहले ही न्यास के तहत स्थापित किया गया है। अगले शैक्षणिक वर्ष में कम से कम सौ नए स्कूल स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। राष्ट्रीय शिक्षा संसद की हैंड बुक ऑफ द टीचर ट्रेनिंग की तैयारी प्रक्रिया पर चर्चा करने और शिक्षक प्रशिक्षण की लागत और अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए असम साहित्य सभा के राधा गोविंद बरुवा सभागार में संसद की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्राथमिक स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षक संसद राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आधार पर पाठ्य पुस्तकों के प्रकाशन को लेकर इस बैठक में मंजूरी देने की बात हुई। राष्ट्रीय आदर्श शिक्षा संसद के उपाध्यक्ष डॉ जयंत विश्वशर्मा, सचिव राना वशिष्ठ, विशिष्ट भाषाविद् व साहित्यकार डॉ रमेश पाठक, असम साहित्य सभा के पूर्व अध्यक्ष डॉ परमानंद राजवंशी, सभा के पूर्व प्रधान सचिव पदुम राजखोवा, शिक्षक तथा सांसद पाठ्यक्रम समन्वयक समिति के अध्यक्ष गौरीकांत भुईंया, विशिष्ट पंडित तथा साहित्यकार पराग कुमार भट्टाचार्य ,रिपुंजय बरदलै, सुरेन गोस्वामी, जगन्नाथ राजवंशी, कमल चौधरी, डॉ संजीव कुमार शर्मा, पंकज कुमार दत्त, रामानंदन बोरा के साथ अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। बैठक के आरंभ में डॉ जयंत विश्वकर्मा ने पाठ्यक्रम परिषद के उद्देश्य की व्याख्या की। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को प्राथमिक स्तर से ही वास्तविक मानव संसाधन के रूप में तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर विशेष जोर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आदर्श शिक्षा संसद की यह कल्याणकारी परियोजना असम के विकास के लिए अमूल्य योगदान देगी। असम राष्ट्रीय आदर्श शिक्षा संसद द्वारा किए गए कार्यों की कोई लोगों ने सराहना की है। हिन्दुस्थान समाचार/ देबोजानी/ अरविंद-hindusthansamachar.in