दुर्गा पूजा आयोजन समितियों में नहीं दिख रहा उत्साह
दुर्गा पूजा आयोजन समितियों में नहीं दिख रहा उत्साह
असम

दुर्गा पूजा आयोजन समितियों में नहीं दिख रहा उत्साह

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गुवाहाटी, 15 अक्टूबर (हि.स.)। कोरोना महामारी के चलते कारोबार से लेकर धार्मिक व राजनीतिक आयोजन पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। मार्च महीने से लेकर वर्तमान में सभी तरह के आयोजन कोरोना के चलते प्रभावित रहे हैं। हालांकि, वर्तमान में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से पाबंदियों में धीरे-धीरे ढील दी जा रही है, बावजूद अभी भी कई तरह के नियमों के चलते कोई भी आयोजन अपने पूरे उत्साह के साथ आयोजित नहीं हो पा रहे हैं। राजधानी के नीलाचल पहाड़ पर स्थित कामाख्या धाम में प्रतिवर्ष होने वाले अंबुबासी मेला संभवतः पहली बार आयोजित नहीं हो पाया। इस मेले में देस व विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी तरह से बिहू, ईद समेत अन्य धार्मिक आयोजन सिर्फ रश्मी तौर पर निभाए गये। वहीं बीटीसी चुनाव को भी टाल दिया गया। हालात में धीरे-धीरे सुधार होते देख केंद्र और राज्य सरकार ने विभिन्न तरह की गतिविधियों को शुरू करने का निर्देश जारी किया है। बावजूद उसके लिए कई तरह के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। वर्तमान में पूरे देश में दुर्गा पूजा का उत्सव आयोजित होने जा रहा है। देश के अन्य हिस्सों के साथ ही असम में भी दुर्गा पूजा का बड़े पैमाने पर आयोजन होता है। लेकिन, कोरोना संक्रमण काल के चलते दुर्गा पूजा के आयोजन को काफी सीमित कर दिया गया है। राज्य सरकार की ओर से कई तरह के नियम लागू किए गये हैं, जिसको देखते हुए दुर्जा पूजा आयोजन करने वाली समितियों में कोई उत्साह नहीं देखा जा रहा है। हालांकि, पूजा करनी है तो सिर्फ रश्मी तौर पर ही पूजा का आयोजन किया जा रहा है। पूजा के पूरे उत्साह के साथ आयोजन नहीं होने से इससे जुड़े विभिन्न व्यापारों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। खासकर मूर्ति बनाने वाले कारीगरों को पूरे वर्ष भर इस दिन का इंतजार रहता है। उनकी वर्ष भर की रोजी-रोटी दुर्गा पूजा के आयोजनों पर निर्भर करती है, लेकिन इस बार पाबंदियों के चलते मूर्तियों का निर्माण उतनी तादात में नहीं हुआ है। खासकर अंत समय तक यह पता नहीं चल पा रहा था कि पूजा का आयोजन होगा या नहीं। जिसके चलते मूर्ति बनाने वालों की स्थिति बेहद दयनीय हो गयी है। मूर्तिकारों का कहना है कि राज्य सरकार की ओऱ से भी उन्हें को आर्थिक सहायता नहीं मिली है। कुल मिलाकर इस बार दुर्जा पूजा पर कोरोना का कहर भारी दिखाई दे रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/ अरविंद-hindusthansamachar.in