गोलाघाट कांग्रेस में बगावत जारी, अब तक 16 नेताओं ने छोड़ा हाथ का साथ
गोलाघाट कांग्रेस में बगावत जारी, अब तक 16 नेताओं ने छोड़ा हाथ का साथ
असम

गोलाघाट कांग्रेस में बगावत जारी, अब तक 16 नेताओं ने छोड़ा हाथ का साथ

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-कद्दावर नेत्री अजंता नेउग के भगवा धारण करने के तैयारी के बीच बंटती दिख रही कांग्रेस गोलाघाट (असम), 23 दिसम्बर (हि.स.)। गोलाघाट की विधायिका, पूर्व मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अजंता नेउग के भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज होने के बीच जहां एक तरफ राज्य का राजनीतिक तापमान अपने चरम है तो वहीं दूसरी गोलाघाट के कांग्रेसी खेमे में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं अजंता नेउग को लेकर जिला कांग्रेस दो खेमों में बटीं हुई दिख रही है। बुधवार को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अन्य दो कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी से स्तीफा दे दिया। हालांकि, बुधवार को एपीसीसी के सचिव पलाश तामुली ने भी अपना त्याग पत्र पार्टी को ई-मेल से प्रेषित करते हुए पार्टी छोड़ना कारण व्यक्तिगत बताया। तो दूसरी और गोलाघाट कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने इसका स्वागत किया। वहीं दूसरे धड़े ने तामुली के इस्तीफे को अजंता नेउग के घनिष्ठ होने का आरोप लगाया। साथ ही सामूहिक तौर पर नेताओं के पार्टी छोड़ने के बावजूद कांग्रेस को किसी तरह नुकसान नहीं होने की बात कही। पिछले दो दिनों में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी छोड़ने की घटना ने सभी को हैरान कर दिया है। उल्लेखनीय है कि इस संदर्भ में विधायिका ने किसी तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है। ज्ञात हो कि मंगलवार को गोलाघाट जिला कांग्रेस कमेटी के कई कार्यकर्ताओं ने शीर्ष नेतृत्व के फैसलों पर नाराजगी जताते हुए औपचारिक तौर पर अपने पद से सामूहिक पदत्याग दिया। उसके बाद जिला कांग्रेस अब दो खेमों में बंटती दिखाई दे रही है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेत्री व विधायिका अजंता के भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाए जाने के दौरान ही राज्य में 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले अचानक उनके भगवा धारण करने के संकेत मिलने की आशंका को देखते हुए एक तरफ जहां असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) द्वारा उन्हें जिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद से ह दिया गया, जिसके चलते पूरा माहौल गरमा गया है। वहीं लंबे समय से शीर्ष नेतृत्व के रवैये से नाराज होकर गोलाघाट जिला कांग्रेस कमेटी के प्रशासनिक सचिव तपन दत्त समेत कुल 14 कार्यकर्ताओं ने आलाकमान को अपना त्यागपत्र भेज दिया है। इस संदर्भ में तपन दत्त ने मीडिया को बताया कि पिछले 20 वर्षों से विधायिका अजंता नेउग के सक्रिय नेतृत्व के बूते पर ही कांग्रेस आज जिले में इतनी शक्तिशाली स्थिति तक पहुंच पाई है। अभी तक विधायिका ने औपचारिक तौर पर भाजपा में शामिल होने की घोषणा तक नही की है और शीर्ष नेताओं ने उन्हें जिला समिति के साथ बिना विचार विमर्श के ही जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया। हिन्दुस्थान समाचार/ असरार/ अरविंद-hindusthansamachar.in