गडकरी व सोनोवाल ने असम विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह में लिया हिस्सा
गडकरी व सोनोवाल ने असम विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह में लिया हिस्सा
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गडकरी व सोनोवाल ने असम विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह में लिया हिस्सा

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कछार (असम), 25 दिसम्बर (हि.स.)। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल शुक्रवार को कछार जिला मुख्यालय शहर सिलचर स्थित असम विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर, वर्ष 201, 2019 की परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों के साथ ही 2020 के के कुछ संकायों के विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए ज्ञान को शक्ति कहा और स्नातक करने वाले छात्रों से इस शक्ति को योग्य संसाधनों में बदलने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का आह्वान किया है। इस उद्देश्य और इस दृष्टिकोण को साकार करने के लिए, मेधावी छात्रों को आर्थिक परिवर्तन के लिए अपनी ऊर्जा को योग्य शक्ति के रूप में अपने ज्ञान का उपयोग करना होगा।" राज्य की विशाल संभावनाओं को रेखांकित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाले संसाधनों को चैनलाइज करने के लिए स्वयं को प्रतिबद्ध करने के लिए स्नातकों का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र जीडीपी का 30 प्रतिशत हिस्सा है। गडकरी ने स्नातकों से नौकरियों का सृजन करने और खुद को आत्मनिर्भर बनाने का विकल्प चुनने का आग्रह किया। उन्होंने सामाजिक-आर्थिक विकास और दलितों के उत्थान के लिए एक प्रेरणा देने के लिए नवाचार की वकालत की। उन्होंने असम में प्रगति में योगदान देते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के एक आत्म निर्भर भारत के दृष्टिकोण को प्राप्त करने की खातिर स्वयं खुद को समर्पित करने का दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों का आह्वान किया। कार्यक्रम में बोलते हुए, मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने असम और पूर्वोत्तर की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के कार्यान्वयन के द्वारा उपलब्ध अवसरों के द्वार पर प्रकाश डाला। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों से देश और राज्य के विकास के उन अवसरों का लाभ उठाने के लिए कड़ी मेहनत करने का आग्रह किया। उन्होंने देश की युवा शक्ति का दोहन करने और युवाओं को कौशल के माध्यम से भविष्य के लिए प्रासंगिक बने रहने का आह्वान करते हुए प्रधान मंत्री मोदी के नेतृत्व में आसियान और बीबीएन देशों के 8 मिलियन लोगों के बाजार पर कब्जा करने के लिए सर्वोत्तम संभव मानव संसाधन बनने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने क्रिसमस के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के साथ आज पूरे देश में सुशासन दिवस मनाया जाने की बात कही। असम विश्वविद्यालय को असम समझौते का परिणाम बताते हुए, उन्होंने असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विश्वविद्यालय, जो 1994 में स्थापित किया गया था, राज्य के शिक्षा क्षेत्र में नए क्षितिजों का पता लगाना जारी रखेगा। क्योंकि, यह हमेशा समाज के लिए गुणवत्ता वाले मानव संसाधन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री रामेश्वर तेली, असम के वन एवं पर्यावरण मंत्री परिमल शुक्लबैद्य, सांसद डॉ राजद्वीप रॉय, असम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो दिलीप चंद्र नाथ सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। हिन्दुस्थान समाचार / अरविंद-hindusthansamachar.in