कोरोना व लॉकडाउन की वजह से किसानों को हुआ भारी नुकसान
कोरोना व लॉकडाउन की वजह से किसानों को हुआ भारी नुकसान
असम

कोरोना व लॉकडाउन की वजह से किसानों को हुआ भारी नुकसान

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गुवाहाटी, 27 जुलाई (हि.स.)। लहलहाती फसल को किसान काटने की तैयारी में जुटें और तैयार फसल खेत में ही सड़ जाए तो, इससे बड़ा दुःख किसानों के लिए और कुछ नहीं हो सकता है। अपनी मेहनत के बल पर पैरों पर खड़ा हो कर दो पैसा कमाने के लिए तीन दोस्त पुलक किलिंग, धर्मेश्वर तुमुंग और लालबहादुर भक्त छेत्री ने मिलकर कामरूप (मेट्रो) जिला के सोनापुर के नरताप गांव में 30 बीघा खेत पर केले, शिमला मिर्चा, नींबू सहित अन्य फसल की खेती की थी। जो लॉकडाउन की वजह से पूरी तरह बर्बाद हो गयी। तीनों मित्रों ने मिलकर लगभग एक लाख रूपये खर्च कर कर मालभोग केले के पौधे सहित अन्य साग-सब्जी की खेती की थी। तीनों युवाओँ ने बताया कि हमें उम्मीद थी कि फसल तैयार होगी तो हमारे दिन बहुरेंगे। लेकिन, ऐसा हो न सका। लॉकडाउन ने हमारे सपनों पर पानी फेर दिया। खेत में तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। खेत अब जंगल बन चुका है। हमारा सपना अब जंगल बन गया है। तीनों युवक आंखों में आंसू लिए अपने बर्बाद खेत को निहार रहे है। लॉकडाउन की वजह से खेत में तैयार फसल बाजार तक नहीं पहुंची, जिसकी वजह से सब बर्बाद हो गई। सबसे ज्यादा नुकसान केले और शिमला मिर्च को हुआ है। उन्होंने बताया कि, हम फल और सब्जी बेचकर अच्छा पैसा कमाने का सपना देख रहे थे। हमारे सपने को लॉकडाउन ने तोड़ दिया। सवाल उठता है कि, ऐसे तंगहाल अन्नदाताओं को अगर सरकारी मदद नहीं मिली तो क्या आने वाले दिनों में किसान खेती करने की हिम्मत जुटा पाएंगे। यह विचारणीय प्रश्न है। हिन्दुस्थान समाचार/ असरार/ अरविंद-hindusthansamachar.in