कोरोना काल में सौ से भी अधिक लोक वाद्य यंत्र तैयार करने वाले की सराहना
कोरोना काल में सौ से भी अधिक लोक वाद्य यंत्र तैयार करने वाले की सराहना
असम

कोरोना काल में सौ से भी अधिक लोक वाद्य यंत्र तैयार करने वाले की सराहना

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उदालगुड़ी (असम), 31 जुलाई (हि.स.)। कोरोना संक्रमण चलते बीते कई महीनों से पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है। लॉकडाउन के समय आम लोगों को अपने परिवार का पालन करना दुष्कर कार्य हो गया है। ऐसे समय का सदुपयोग करते हुए उदालगुरी जिला के टंगला बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के चतुर्थवर्गीय कर्मचारी नरेंद्र डेका ने सौ से भी अधिक लोक वाद्य यंत्र तैयार कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। नरेंद्र के इस कार्य की स्थानीय लोगों ने काफी सराहना की है। उल्लेखनीय है कि संगीत को रोचक बनाने के लिए लोक वाद्य यंत्र का एक महत्वपूर्ण योगदान रहा है। समय के साथ-साथ कुछ लोक वाद्य यंत्र विलुप्ति के कगार पर पहुंच गये हैं। ऐसे ही कुछ विलुप्त वाद्य यंत्रों जैसे इकतारा, दो तारा, डगर वाद्य यंत्रों को तैयार कर व बिक्री कर धनोपार्जन करने में नरेंद्र कामयाब हुए हैं। प्रथम लॉकडाउन के समय नरेंद्र इन लोक वाद्य यंत्रों को तैयार करने के बारे में सोचना आरंभ किया था। इसके बाद ही उन्होंने इन वाद्य यंत्रों को तैयार करना शुरू कर दिया। लोगों ने उनेक इस कार्य की काफी सराहना की है। हिन्दुस्थान समाचार/ देबोजानी/ अरविंद-hindusthansamachar.in