कोरोना काल में दुर्गा पूजा, मूर्तिकार मायूस
कोरोना काल में दुर्गा पूजा, मूर्तिकार मायूस
असम

कोरोना काल में दुर्गा पूजा, मूर्तिकार मायूस

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नगांव (असम), 18 अक्टूबर (हि.स.)। शारदीय नवरात्र के अवसर पर दुर्गा पूजा शनिवार से आरंभ हो गया है। दुर्गा पूजा की तैयारियां भी शुरू हो गयी हैं। पूजा के लिए महज कुछ दिन शेष रह गये हैं। ऐसे में हर साल की तरह इस बार हर्ष और उल्लास के साथ दुर्गोत्सव नहीं मनाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि नगांव के सामागुरी गटंगा इलाके में अतिप्राचीन मूर्ति बनाने का प्रतिष्ठान है। इस समय यहां मूर्ति बनाने में मूर्तिकार व्यस्त हैं। इस बार मूर्तिकार बहुत कम संख्या में मूर्तियां बना रहे हैं। कोरोना के कारण इस बार दुर्गा पूजा की खुशी बहुत कम हो गयी है। पूजा बहुत ही सादगी से किए जाने की पूजा कमेटियों ने ऐलान किया है। सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार पूजा मंडप में प्रकाश की व्यवस्था सहित कोई विशेष व्यवस्था नहीं होगी। कोरोना के चलते बहुत सीमित संख्या में लोगों को पंडाल में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। मास्क पहनना अनिवार्य है। वहीं सामाजिक दूरी का भी पूरी तरह से पालन करना होगा। इन पाबंदियों के कारण लोग खुले मन से पूजा का आनंद नहीं ले पाएंगे। वहीं पूजा कमेटियों के लिए भी कई तरह के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके चलते कोई भी जोखिम उठाने के लिए तैयार नहीं है। 22 अक्टूबर से दुर्गापूजा का आय़ोजन पंडालों में शुरू होने वाला है। लेकिन, इसकी तैयारी कोरोना के कारण न के बराबर है। इस संदर्भ में मूर्तिकारों का कहना है कि हर वर्ष पूजा के चार-पांच महीने पहले मूर्तिकारों को मूर्तियां बनाने का ऑर्डर मिलना शुरू हो जाता था। इस बार मूर्तिकारों को बहुत कम ऑर्डर मिला है। वह भी अंत समय में। उनका कहना है कि इस बार हमारी कमायी न के बराबर है। मूर्तिकारों का कहना है कि दुर्गापूजा ही उनकी आय का एकमात्र स्रोत है। जिससे वे साल भर अपने परिवारों की जीविका चलते हैं। इस बार कोरोना के लिए दुर्गोत्सव का रंग फीका पड़ गया है। दुर्गा पूजा मूर्तिकारों के लिए सबसे व्यस्त समय होता है। कोरोना के कारण मूर्ति बनाने का ऑर्डर न मिलने से मूर्तिकार आर्थिक तंगी का शिकार होकर पूरी तरह से मायूस हो चुके हैं। इसके साथ ही सैकड़ों की तादाद में ऐसे मजदूर भी अनिश्चितता के भविष्य की ओर निहार रहे हैं। न लाईट, न पंडाल की सजावट, ऐसी स्थिति में इस व्यवसाय से जुड़े लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गये है। साथ ही पूजा में शामिल विभिन्न लोग भी चिंतित हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ देबोजानी/ अरविंद-hindusthansamachar.in