कोरबा: तीन से चार किलोमीटर पैदल चलकर नदी के पानी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं आदिवासी

कोरबा: तीन से चार किलोमीटर पैदल चलकर नदी के पानी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं आदिवासी
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कोरबा 8 जून (हि. स.)। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उप संभाग कटघोरा अंतर्गत व पाली विकासखण्ड के अंतिम एवं दूरस्थ पहाड़ी वनांचल ग्राम पंचायत रतखंडी के कोइलाभांठा स्थित अहिरापारा मोहल्ले में निवासरत पहाड़ी कोरवा पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।अहिरापारा मोहल्ले में वर्तमान 20- 25 परिवार निवासरत हैं,जो पानी के लिए 3 से 4 किलोमीटर पैदल चलकर नदी के पानी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में पेयजल के लिए दो चार होते यहां के ग्रामीणों का कहना है कि आधे घँटे का रास्ता नापने के बाद उन्हें पानी मुहैया हो पाता है,वह भी नदी का। जिसे पीने के साथ दैनिक क्रिया (निस्तारी) के भी उपयोग में लाते हैं। वहीं यहां के सरपंच बाबूलाल धनुहार ने बताया कि उक्त मौहल्ले में पानी की समस्या को लेकर कटघोरा स्थित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में महीनों पूर्व आवेदन दिया गया था लेकिन उस आवेदन पर अधिकारियों ने आजतक अमल नहीं किया।फलस्वरूप पेयजल जैसे आवश्यक बुनियादी सुविधा से अहिरापारा मोहल्ले के वासी वंचित हैं। वनवासी कोरवाओं की मांग है कि जिला प्रशासन इस इस ओर ध्यान आकृष्ट करे और गांव को पेयजल संकट की समस्या से निजात दिलाए l हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी