कोंडागांव:आर्थिक आपातकाल का अध्यादेश हो अविलंब जारी - नरेन्द्र नेताम

कोंडागांव:आर्थिक आपातकाल का अध्यादेश हो अविलंब जारी - नरेन्द्र नेताम
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जोगी कांग्रेस ने सौपा महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन कोंडागांव ,17 मई (हि.स.)। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ जोगी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के निर्देश पर सोमवार को जोगी कांग्रेस के कोंडागांव जिला अध्यक्ष नरेंद्र नेताम ने कलेक्टर को भारत के राष्ट्रपति महामहिम रामनाथ कोविंद के नाम पत्र लिखकर, छत्तीसगढ़ में आर्थिक आपातकाल घोषित करने की मांग करते ज्ञापन सौपा है। नरेंद्र नेताम ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय को लिखे पत्र में उल्लेख किया है कि कोरोना की दूसरी लहर की चुनौती का सामना करने में छत्तीसगढ़ शासन पूरी तरह से विफल रहा है। नियमत: प्रदेश के चुनाव आयोग द्वारा एकमात्र मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल होने के नाते, हम आपसे आग्रह करते हैं कि संविधान के अनुच्छेद 360 में आपको प्रदाय शक्तियों का उपयोग करते हुए, राज्य में आर्थिक आपातकाल घोषित करें ताकि घोर प्रशासनिक लापरवाही के कारण लाखों छत्तीसगढ वासियों के जीवन को बचाया जा सके। इस दौरान जोगी कांग्रेस के युवा नेता ज्ञान प्रकाश ने कहा कि राज्य सरकार की इस लापरवाही का सबसे पुख़्ता प्रमाण यह है कि जहाँ अप्रेल में भारत सरकार द्वारा प्रदेश के 45 साल के अधिक आयु वर्ग, स्वास्थ्य कर्मियों और प्रथम पंक्ति कर्मचारियों के लक्षित समूहों को 70 लाख टीके की खुराक लगाई गई थी, लेकिन मई 2021 में राज्य शासन प्रदेश के 1.51 करोड़ 18-44 वर्षीय आयु वर्ग के लक्षित समूह को इसका मात्र 3.6% 2.50 लाख- टीके की खुराक ही लगा पाई है। वह भी राज्य सरकार द्वारा निम्नस्तरीय वोट-बैंक की राजनीति के आधार पर लगाया गया। जोगी कांग्रेस के कोंडागांव ब्लाक अध्यक्ष भारत कौशिक ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 14 और 21, जिनके अंतर्गत भारत के हर नागिरक को जीने का सामान मौलिक अधिकार प्राप्त है, के विपरीत प्रदेश सरकार ने भेदभाव की नीति अपनाई थी ,जिसे माननीय उच्च न्यायालय ने दल के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए भेदभाव की नीति को रद्द कर दिया । जोगी कांग्रेस के संभागीय सयुंक्त महासचिव नरेंद्र भवानी ने राष्ट्रपति के नाम लिखे पत्र की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में 80प्रतिशत से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों के पद रिक्त हैं और प्रदेश सरकार द्वारा संचालित किसी भी प्राथमिक अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना संक्रमण की जाँच और उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव गुप्ता