केके वेणुगोपाल बने रहेंगे अटॉर्नी जनरल, एक साल बढ़ा कार्यकाल
केके वेणुगोपाल बने रहेंगे अटॉर्नी जनरल, एक साल बढ़ा कार्यकाल
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केके वेणुगोपाल बने रहेंगे अटॉर्नी जनरल, एक साल बढ़ा कार्यकाल

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नई दिल्ली, 13 जून (हि.स.)। वरिष्ठ वकील केके वेणुगोपाल एक साल के लिए और अटार्नी जनरल के पद पर रहेंगे। उनका कार्यकाल 30 जून को खत्म होनेवाला था। केंद्र सरकार ने उनका कार्यकाल एक साल के लिए और बढ़ा दिया है। हालांकि केके वेणुगोपाल ने अपनी उम्र का हवाला देते हुए 30 जून को अपनी सेवा खत्म करने का आग्रह किया था लेकिन केंद्र सरकार के आग्रह के बाद उन्होंने अगले एक साल के लिए और अटार्नी जनरल का पद संभालने पर हामी भर दी। केके वेणुगोपाल को 1 जूलाई 2017 को तीन साल के लिए अटार्नी जनरल नियुक्ति किया गया था। वेणुगोपाल को मुकुल रोहतगी के पहले कार्यकाल के खत्म होने के बाद अटार्नी जनरल बनाया गया था। अपने तीन साल के कार्यकाल में अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कई महत्वपूर्ण मामलों में केंद्र सरकार का मजबूती से पक्ष रखा। धारा 370 को हटाने, निजता का अधिकार, आधार मामला, नागरिकता संशोधन कानून इत्यादि जैसे गंभीर मामलों पर सरकार का पक्ष रखा। अभी हाल ही में उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से लॉकडाउन के दौरान मजदूरों को पूरा वेतन देने के मामले में सरकार का पक्ष रखा था। केके वेणुगोपाल 1954 से वकालत कर रहे हैं। उन्होंने मोरारजी देसाई सरकार के कार्यकाल में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के रूप में काम किया था। वेणुगोपाल को संवैधानिक मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। उन्होंने पहले मैसूर हाई कोर्ट में प्रैक्टिस की और बाद में मद्रास हाई कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू किया। मद्रास हाई कोर्ट में करीब 25 साल की प्रैक्टिस के बाद दिल्ली का रुख किया और यहीं वकालत करते रहे। उन्हें सुप्रीम कोर्ट में 1972 में सीनियर वकील का दर्जा मिला। उनके पिता एमके नांबियार एक मशहूर वकील थे। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/सुनीत/बच्चन-hindusthansamachar.in