जगदलपुर : वनोपज के विक्रय की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी बड़ी

जगदलपुर : वनोपज के विक्रय की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी बड़ी
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जगदलपुर, 29 अप्रैल (हि.स.)। कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर जिले में चल रहे लॉक डाउन का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में नजर आने लगा है। इस दौरन संग्रहित वनोपज के विक्रय की समुचित व्यवस्था नहीं होने से दिनों-दिन माली हालत खस्ता हो रही है। आम दिनों में साप्ताहिक हाट-बाजारों में वनोपज का विक्रय कर बदले में ग्रामीण अपनी आवश्यकता की सामग्री खरीद लेते थे, लेकिन लॉक डाउन से सब कुछ ठप्प पड़ गया है। बस्तर के ग्रामीण इमली, महुआ व चार गुठली आदि का संग्रहण कर इसे साप्ताहिक हाट बाजारों में बेच इससे अच्छी आय अर्जित करते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण इन दिनों संग्रहित वनोपज संग्राहक घर में रख रहे हैं। यही नहीं जब से जिले में लागू लॉकडाउन लागू हुआ तब से ग्रामीण खाली बैठे हैं। अब उन्हें लॉकडाउन खुलने और रोजगार मिलने का इंतजार है। बीते लॉक डाउन के चलते बीते साल भी ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। प्रशासन ने जिले में लॉकडाऊन लागू कर दिया, जिसके बाद से संभागीय कृषि उपज मंडी और जिले भर की उपमंडियों में वीरानी छाई है। जिले के हाट-बाजारों पर प्रतिबंध लागू किया गया है, जिसके कारण उपमंडियों तक पहुंचने वाले संग्राहक भी नहीं आ पा रहे हैं। एशिया की सबसे बड़ी इमली मंडी के रूप में विख्यात स्थानीय कृषि उपजमंडी भी वीरान है। कृषि उपज मंडी के सचिव केएल मंडावी कहते हैं कि लॉक डाउन की अवधि समाप्त हो जाने के बाद मंडी और उपमंडियों में वनोंपजों की आवक होने की उम्मीद है, जिसके बाद संग्राहकों और व्यापारियों को राहत मिल सकेगी। हिन्दुस्थान समाचार, राकेश पांडे