दुन्या-मिखाइल-की-अंतर्ध्वनि-लोककथाओं-ने-साहित्य-के-प्रति-रुचि-पैदा |Interpretation Folk Stories Literature Dunya Mikhail दुन्या मिखाइल अंतर्ध्वनि लोककथाओं साहित्य रुचि पैदा Hindi Latest News 


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दुन्या मिखाइल की अंतर्ध्वनि: लोककथाओं ने साहित्य के प्रति रुचि पैदा की

दुन्या मिखाइल की अंतर्ध्वनि: लोककथाओं ने साहित्य के प्रति रुचि पैदा की

जब मैं छोटी-सी बच्ची थी तो एक दिन मेरे शिक्षक ने पूछा कि मैं क्या बनना चाहती हूं तो मैंने जवाब दिया कि मैं नबी बनना चाहती हूं। मुझे लगा था कि एक बहुत ही प्रभावशाली पुस्तक लिखकर मैं ऐसा कर सकती हूं। वैसे भी मैं कविताएं लिखने के प्रति दिवानी थी। मैंने एक कविता लिखकर अपने एक दोस्त को भी उसके जन्मदिन पर उपहार में दी। बाद में मैं नबी बनने के बारे में भूल ही गई।  जब मैंने बगदाद विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में ग्रेजुएट किया तो मुझे बगदाद ऑब्जर्वर में पत्रकार के रूप में नौकरी मिल गई। मेरा यह नहीं कहना है कि हर कवि को पत्रकारिता करनी ही चाहिए लेकिन पत्रकारिता के गुणों का बेहतर
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