शी चिनफिंग : तिब्बत शुद्ध भूमि का संरक्षण करें और लोगों को कल्याण दिलाएं

 शी चिनफिंग : तिब्बत शुद्ध भूमि का संरक्षण करें और लोगों को कल्याण दिलाएं
xi-jinping-protect-tibet-pure-land-and-bring-welfare-to-the-people

बीजिंग, 26 जुलाई (आईएएनएस)। 22 जुलाई को तिब्बत का दौरा कर रहे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव शी चिनफिंग ने ल्हासा-न्यिंगची रेल मार्ग का दौरा किया और खुद न्यिंगची स्टेशन से ल्हासा शहर तक रेल यात्रा की। उन्हों ने ल्हासा-न्यिंगची रेल मार्ग के क्षेत्रों में निर्माण की स्थितियों की जांच की। एक माह पहले यानी 25 जून को, एक बुलेट ट्रेन ल्हासा से न्यिंगची स्टेशन के लिए रवाना हुई थी, जिससे ल्हासा-न्यिंगची रेलवे के आधिकारिक उद्घाटन को घोषित किया गया। तिब्बती पठार पर इस नये आकाश मार्ग के प्रशस्त होने से स्थानीय लोगों के लिए कल्याण दिलाया जाएगा। 25 जून को सछ्वान-तिब्बत रेलवे की ल्हासा-न्यिंगची भाग को परिचालन के लिए खोल दिया गया। इस रेलवे का दौरा करते हुए शी चिनफिंग ने कहा कि सछ्वान-तिब्बत रेलवे का निर्माण तिब्बत के विकास और लोगों की आजीविका में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है। देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में रेलवे नेटवर्क के निर्माण की समग्र योजना बनाना आवश्यक है, और इन क्षेत्रों में लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने का प्रयास करना चाहिये। ल्हासा में डेपुंग मठ का दौरा करते हुए, शी ने जोर देकर कहा कि धार्मिक कार्यों पर पार्टी की मूल नीति को पूरी तरह से लागू करना और लोगों की धार्मिक विश्वास का सम्मान करना चाहिये। इसी बीच में कानून के अनुसार धार्मिक मामलों का प्रबंधन करने वाले सिद्धांतों का पालन करना, और तिब्बती बौद्ध धर्म को समाजवादी समाज के अनुकूल बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम करना चाहिये। शी चिनफिंग ने दौरे में कहा कि तिब्बत की शांतिपूर्ण मुक्ति से अभी तक के 70 वर्षों में, पार्टी के मजबूत नेतृत्व और देश के दूसरे क्षेत्रों के समर्थन से सभी जातीय लोगों ने कड़ी मेहनत कर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। और लोगों के जीवन में भी बहुत सुधार आया है। तथ्यों ने साबित कर दिया है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के बिना, कोई नया चीन और नया तिब्बत नहीं होगा। तिब्बती काम पर पार्टी की नीतियां पूरी तरह से सही हैं। निंगची की विकास योजना का निरीक्षण करते हुए शी ने कहा कि तिब्बती पठार पर रहने वाले लोग लंबे समय से प्रकृति के साथ अन्योन्याश्रित रहे हैं और उन्होंने पठारी वातावरण के साथ सद्भाव में रहने की जीवन शैली बनाई है। तिब्बत के विकास में, क्षेत्रीय विशेषताओं को प्रमुखता देना, मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करना, शहरी विकास की सीमाओं और पारिस्थितिक संरक्षण की लाल रेखाओं को वैज्ञानिक रूप से चित्रित करना और शहरी आधुनिकीकरण के स्तर को बढ़ाना आवश्यक है। महासचिव शी चिनफिंग ने निंगची शहर के ग्रामीण क्षेत्रों का भी दौरा किया, उन्हों ने खुद किसान के घरों में उन की जीवन स्थितियों की विस्तार से जानकारियां पूछ लीं। स्थानीय किसानों ने महासचिव का गर्मजोश से स्वागत किया और शी चिनफिंग ने भी सभी लोगों को सुख और स्वास्थ्य की शुभ-कामना व्यक्त की। ल्हासा शहर का निरीक्षण करते समय, शी चिनफिंग ने बताया कि तिब्बत का विकास सभी जातीय समूहों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है, और तिब्बत का इतिहास भी सभी जातीय समूहों द्वारा लिखा गया है। तिब्बती जाति और अन्य जातीय समूहों के बीच आदान-प्रदान, इतिहास के हरेक अंक के साथ जुड़ा हुआ है। आज हम आधुनिक समाजवादी देश के निर्माण की नई चरण में आ पहुंचे हैं और तिब्बत भी एक नए ऐतिहासिक प्रारंभिक बिंदु पर आया है। जब तक हम चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का अनुसरण करते हैं और चीनी विशेषता वाले समाजवाद के मार्ग का ²ढ़ता से पालन करते हैं, और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करते हैं, हम निश्चित रूप से निर्धारित दूसरे सौ वर्ष लक्ष्य को हासिल करने में सक्षम होंगे। और हम चीनी राष्ट्र के महान कायाकल्प के लक्ष्य को साकार कर सकेंगे। तिब्बत के स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करते समय शी चिनफिंग ने कहा कि तिब्बत में विकास के सभी कदम को राष्ट्रीय एकता के साथ जोड़ देना चाहिए, और उन्हें लोगों के लाभ, खुशी और सुरक्षा की भावना को बढ़ाने के लिए अनुकूल बनाना चाहिए। बुनियादी ढांचे के निर्माण में तेजी लाने, विशिष्ट उद्योगों को विकसित करने और राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा आधार के निर्माण में तेजी लाने के लिए यह आवश्यक है। साथ ही तिब्बती लोगों के लिए रोजगार, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा देखभाल, वृद्धावस्था देखभाल, बालवाड़ी, आवास और अन्य आजीविका से संबंधित मामलों में अधिक कोशिश की जानी चाहिये। शी ने यह भी कहा कि तिब्बत के पारिस्थितिक पर्यावरण की रक्षा करना और इस अवधारणा को ²ढ़ता से स्थापित करना आवश्यक है कि हरे पहाड़ सुनहरे पहाड़ ही हैं, और बर्फ के पहाड़ भी सुनहरे पहाड़ ही हैं। हमें पठारी जैव विविधता के संरक्षण को बढ़ावा देना और पृथ्वी के तीसरे ध्रुव पारिस्थितिकी की रक्षा करना चाहिये। ( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग ) --आईएएनएस एएनएम

अन्य खबरें

No stories found.