यूक्रेन: बूचा इलाक़े में लोगों की मौत की स्वतंत्र जाँच की पुकार

यूक्रेन: बूचा इलाक़े में लोगों की मौत की स्वतंत्र जाँच की पुकार
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूक्रेन की राजधानी कीयेफ़ के एक बाहरी क़स्बे बूचा में आम लोगों की मौत की स्वतंत्र जाँच कराए जाने की पुकार लगाई है. अन्तरराष्ट्रीय मीडिया ख़बरों के अनुसार, उस इलाक़े में अनेक सप्ताहों की गम्भीर लड़ाई के बाद, रूसी सेनाओं की वापसी के माहौल में रास्तों व सड़कों और मैदानों में लोगों के शव पड़े देखे गए हैं. I am deeply shocked by the images of civilians killed in Bucha, Ukraine. It is essential that an independent investigation leads to effective accountability. — António Guterres (@antonioguterres) April 3, 2022 यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने रविवार को अपने संक्षिप्त वक्तव्य में कहा, “मैं यूक्रेन के बूचा में मारे गए आम लोगों के शवों की तस्वीरें देखकर बहुत व्यथित हूँ.” यह वक्तव्य यूएन प्रमुख के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर भी प्रकाशित किया गया. “ये बहुत ज़रूरी है कि एक स्वतंत्र जाँच कराई जाए जिसमें प्रभावशाली जवाबदेही निर्धारित हो.” यूक्रेन के लिये संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता संयोजक ओसनत लुबरानी ने ये वक्तव्य अपने ट्विटर अकाउंट पर भी प्रकाशित करते हुए लिखा, “यूक्रेन के लोग एक महीने से भी ज़्यादा समय से नरक के माहौल का सामना कर रहे हैं, हज़ारों आम लोग मारे जा चुके हैं. ये भीषण और भयावह युद्ध रुकना होगा.” हताहतों की संख्या संयुक्त राष्ट्र यूक्रेन में युद्ध को तुरन्त रोके जाने की पुकार लगाता रहा है, जिसे यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने एक ऐसा युद्ध बताया है जिसमें किसी की भी जीत नहीं होगी. ये युद्ध 24 फ़रवरी को यूक्रेन पर रूसी हमले के साथ शुरू हुआ था. उसके बाद से हताहत हुए लोगों की संख्या, यूएन मानवाधिकार कार्यालय के अनुसार रविवार तक, 3 हज़ार 455 दर्ज की गई है. इसमें एक हज़ार 417 लोगों की मौत हुई है और दो हज़ार 38 लोग घायल हुए हैं, जबकि हताहतों की असल संख्या इससे कहीं ज़्यादा होने की आशंका व्यक्त की गई है. ज़्यादा लोग, विस्फोटक हथियारों के प्रयोग से हताहत हुए हैं जिनमें भारी हथियारों की गोलाबारी और रॉकेटों के हमले शामिल हैं, साथ ही मिसाइल और हवाई हमले भी किये गए हैं. मानवीय सहायता अहम संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरश ने शुक्रवार को ट्विटर पर अपने सन्देश में कहा था कि यूएन यूक्रेन में इस युद्ध से ऐसे लोगों की मदद करने की भरसक कोशिश कर रहा है जिनकी ज़िन्दगियाँ उलट-पलट गई हैं. मानवीय सहायता एजेंसियों ने 14 लाख से ज़्यादा लोगों तक मदद पहुँचाई है, मुख्य रूप से पूर्वी इलाक़े में, “मगर ये पर्याप्त नहीं है.” “हमें सभी इलाक़ों तक सहायता पहुँचाने के लिये पहुँचने के लिये सुरक्षित और निर्बाध पहुँच की ज़रूरत है.” इस युद्ध के कारण एक करोड़ से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं जिनमें ऐसे लोग शामिल हैं जो देश के भीतर विस्थापित हुए हैं और जिन्होंने पड़ोसी देशों में शरण ली है. संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी उच्चायुक्त फ़िलिपो ग्रैण्डी ने बीते सप्ताह यूक्रेन की यात्रा करने के बाद कहा था कि विस्थापित होने वाले और प्रभावित होने वाले लोगीं की संख्या, योरोप में हाल की स्मृति में असाधारण है. इस बढ़ती मानवीय सहायता ज़रूरत को पूरी करने के लिये, संयुक्त राष्ट्र और उसके साझीदार संगठनों ने मार्च में, एक अरब 70 करोड़ डॉलर की सहायता अपील जारी की थी. यूक्रेन से सुरक्षा के लिये निकलने वाले लगभग 41 लाख लोगों ने पड़ोसी देशों में शरण ली है जिनमें पोलैण्ड, स्लोवाकिया, हंगरी, रोमानिया और मोल्दोवा के अलावा कुछ अन्य देश भी शामिल हैं. यूक्रेन स्थिति पर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक और बैठक मंगलवार को प्रस्तावित है. --संयुक्त राष्ट्र समाचार/UN News

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