अमेरिकी एथलीट टोकियो ओलिंपिक के अभ्यास में जुटे, कोविड को लेकर शंकाएं ज्यों की त्यों

अमेरिकी एथलीट टोकियो ओलिंपिक के अभ्यास में जुटे, कोविड को लेकर शंकाएं ज्यों की त्यों
अमेरिकी एथलीट टोकियो ओलिंपिक के अभ्यास में जुटे, कोविड को लेकर शंकाएं ज्यों की त्यों

ललित मोहन बंसल लॉस एंजेल्स, 25 जुलाई (हि.स.) अमेरिकी एथलीट टोकियो ओलिंपिक खेलों के लिए अभ्यास में जुट गए हैं लेकिन उनके मन में कोविड को लेकर शंकाएं ज्यों की त्यों बनी हुई हैं। अमेरिका की शीर्ष जिमनास्ट और चार बार ओलिंपिक खेलों की स्वर्ण पदक विजेता साइमोन बाइल्स ने कहा है कि एक वर्ष के लिए स्थगित टोकियो ओलिंपिक के आयोजन को लेकर उनके मन में शंका बनी हुई है। वे कहती हैं कि उनकी तरह अनेक एथलीट प्रतिदिन यह सोचकर नियमित अभ्यास कर रहे हैं कि अगले वर्ष जुलाई में टोकियो ओलिंपिक खेल होंगे। इस बार ट्रेनिंग का स्वरूप ज़रूर बदल गया है। स्टेडियम में सब कुछ बदला, बदला नज़र आ रहा है। अमेरिका ही फ़्री स्टाइल तैराकी में ओलिंपिक विजेता काटी लेडेक्की और 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में विश्व चैम्पियन लिली किंग ने भी नियमित अभ्यास शुरू कर दिया है। कैलिफ़ोर्निया की नामी तैराक काटी स्टेनफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ती हैं। जापान में सन 1964 के बाद दूसरी बार ग्रीष्मकालीन ओलिंपिक खेलों का आयोजन 23 जुलाई से 8 अगस्त, 2021 तक होना तय किया गया है। जापान में दो बार 1972 में सापोरो और 1998 में नागानो में शीतकालीन खेल की मेज़बानी भी कर चुका है। इस बार मेज़बान ओलिंपिक समिति ने इन खेलों में तीस स्वर्ण पदक जीतने की बड़ी योजनाएँ बनाई है। वैसे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसारटोकियो ओलिंपिक खेल आज ही के दिन से शुरू होने थे। पर कोरोना महामारी के चलते एक साल के लिए टाल दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि जापान, दक्षिण कोरिया और चीन में कोरोना महामारी का प्रकोप भले ही कम होता दिख रहा है, लेकिन भारत सहित दुनिया के अनेक देशों. विशेषकर अमेरिका, मेक्सिको, ब्राज़ील और लैटिन अमेरिकी देशों में इस महामारी का प्रकोप बना हुआ है। अमेरिका के नामी एथलीटों के मन में कोविड-19 के मद्देनज़र आज भी टोकियो ओलिंपिक खेलों के आयोजन को लेकर शंकाएँ बनी हुई है। 23 वर्षीय साइमोन बाइल्स ने अमेरिका के एक बड़े दैनिक 'यूएसए टूडे' को एक इंटरव्यू में कहा है कि उन जैसे अनेक एथलीटों को नहीं मालूम कि इस कोविड के चलते भविष्य में क्या होगा। वह और उनके अनेक सहयोगी एथलीट नियमित स्टेडियम में अभ्यास के लिए जाते हैं। वहाँ ट्रेनर, सहयोगी एथलीट और स्टेडियम स्टाफ़ के मुंह पर मास्क लगा होता है, शारीरिक दूरियाँ बनाए रखने की सीख दी जाती है। इसे देख-सुन कर मन में शंकाएँ उठना स्वाभाविक हैं।-hindusthansamachar.in

अन्य खबरें

No stories found.