चीनी लोगों का सुखमय जीवन और मुस्कान चीनी लोगों की मानवाधिकार स्थिति का सबसे अच्छा जवाब

 चीनी लोगों का सुखमय जीवन और मुस्कान चीनी लोगों की मानवाधिकार स्थिति का सबसे अच्छा जवाब
the-happy-life-and-smile-of-the-chinese-people-are-the-best-answers-to-the-human-rights-situation-of-the-chinese-people

बीजिंग, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र संघ स्थित स्थायी चीनी प्रतिनिधि चांगचुन ने 7 अक्तूबर को 76वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी कमेटी की आम बहस में भाषण देकर कहा कि चीनी लोगों का सुखमय जीवन और मुस्कान चीनी लोगों की मानवाधिकार स्थिति का सबसे अच्छा जवाब है। चीन में प्रगति का कदम बाहरी हस्तक्षेप से नहीं रोका जा सकता है। चीन ने अमेरिका आदि कुछ गिने-चुने देशों के निराधार आरोप को खारिज किया है। चांगचुन ने कहा कि समानता साकार करना और मानवाधिकार को साझा करना मानव जाति का समान इरादा है, साथ ही चीनी लोगों का सपना भी है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में चीन ने अपने देश की वास्तविक स्थिति के मुताबिक विकास रास्ते की खोज की और जातीय स्वतंत्रता, देश की समृद्धि को साकार किया। चांगचुन ने जोर दिया कि लोगों का सुखमय जीवन सबसे अच्छा मानवाधिकार है। चीन ने देश में अति गरीबी की समस्या का हल किया और 2030 अनवरत विकास कार्यक्रम के गरीबी उन्मूलन लक्ष्य को समय से पहले पूरा किया। चीन सरकार के प्रति चीनी लोगों की संतुष्टि दर 90 प्रतिशत से ऊपर है। चीनी लोगों का सुखमय जीवन और मुस्कान चीनी लोगों की मानवाधिकार स्थिति का सबसे अच्छा जवाब है। चांगचुन ने बताया कि मानवाधिकार की स्थिति को मजबूत करना और उसकी रक्षा करना एक ऐतिहासिक प्रक्रिया है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को सही दिशा को अच्छी तरह पकड़ने की जरूरत है। अमेरिका आदि कुछ देशों ने अन्य विकासशील देशों की मानवाधिकार स्थिति की आलोचना की, जबकि खुद और अपने मित्र देशों की खराब मानवाधिकार स्थिति को नजरअंदाज किया। मानवाधिकार पश्चिमी देशों का विशेष अधिकार नहीं है। विभिन्न देशों के लोगों को अच्छा जीवन बिताने का अधिकार है। चांगचुन ने जोर दिया कि चीन का विकास और प्रगति चीनी लोगों के संघर्ष से हासिल हुआ है। चीन में विकास का कदम बाहरी हस्तक्षेप से नहीं रोका जा सकता है। उस दिन मिस्र, अल्जीरिया, चाड, तुर्कमेनिस्तान, बेलारूस, वेनेजुएला आदि देशों ने अपने भाषण में चीन के रुख का सक्रिय समर्थन किया और जोर दिया कि विभिन्न देशों के लोगों को अपनी राष्ट्रीय परिस्थिति के मुताबिक मानवाधिकार विकास रास्ते को चुनने का अधिकार है। हमें मानवाधिकार समस्या काराजनीतिकरण करने का ²ढ़ विरोध करना चाहिए और दोहरे मापदंड नहीं अपनाने चाहिए। ( साभार- चाइनामीडियाग्रुप, पेइचिंग) --आईएएनएस एएनएम

अन्य खबरें

No stories found.