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तालिबान ने नेतृत्व में दरार की खबरों को किया खारिज

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काबुल, 15 सितम्बर (आईएएनएस)। तालिबान नेतृत्व ने उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि उनके नेतृत्व में गंभीर मतभेद और तर्क-वितर्क हैं, जिसके कारण मुल्ला बरादर और तालिबान के एक अन्य वरिष्ठ नेता के बीच तीखी नोकझोंक हुई है। तालिबान ने दोहा में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के पूर्व प्रमुख बरादर और तालिबान के एक अन्य वरिष्ठ व्यक्ति के बीच गोलीबारी की खबरों को फर्जी खबर और महज अफवाह करार देते हुए कहा कि ऐसी खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर मुत्ताकी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अंतरिम सरकार में सत्ता के बंटवारे को लेकर तालिबान में कोई विभाजन नहीं है। उसने इस बात पर प्रकाश डाला कि तालिबान की चुनी हुई अंतरिम सरकार के भीतर कोई दरार नहीं है और आने वाले दिनों में समय की जरूरतों और आवश्यकताओं के अनुसार, बदलाव किए जाएंगे। तालिबान का यह इनकार अंतरिम सेटअप में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों के लिए नेताओं के चयन पर तालिबान रैंकों के भीतर आंतरिक विभाजन की लगातार अफवाहों के बीच सामने आया है। अफवाहें इस हद तक फैल गईं कि तालिबान नेता और अफगानिस्तान के उप प्रधानमंत्री, मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को एक हाथ से लिखित बयान जारी करना पड़ा, जिसमें कहा गया है कि वह कंधार के लिए रवाना हो गया है और सब ठीक है। हालांकि, बयान ने बरादर के कंधार के अचानक प्रस्थान पर और अधिक सवाल उठाए हैं, जिसने तालिबान नेता की ओर से एक और वॉयस मैसेज को सामने लाने के लिए प्रेरित किया, जिसमें उन दावों को खारिज कर दिया गया है, जिनमें कहा जा रहा था कि वह एक संघर्ष में घायल हो गया था या मारा गया था। बरादर को कई दिनों तक सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है और वह तालिबान के उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं था, जो 12 सितंबर को काबुल में कतर के विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी से मिला था, जो तालिबान के अधिग्रहण के बाद काबुल में उतरने वाले पहले विदेशी गणमान्य व्यक्ति हैं। यह बताया गया है कि बरादर और खलील-उर-रहमान हक्कानी, शरणार्थी मंत्री और हक्कानी नेटवर्क के एक प्रमुख सदस्य, के बीच एक बैठक के दौरान काफी बहस हुई थी। कतर में स्थित तालिबान के एक वरिष्ठ सदस्य ने भी विवाद और गरमागरम बहस की रिपोर्ट की पुष्टि की है। सूत्रों ने कहा कि बरादर अंतरिम सरकार के चयन और संरचना से संतुष्ट नहीं था, जिससे मतभेद पैदा हुए। --आईएएनएस एकेके/एएनएम