भारतीय मूल की मेघा राजगोपालन को पुलित्जर पुरस्कार

भारतीय मूल की मेघा राजगोपालन को पुलित्जर पुरस्कार
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न्यूयॉर्क, 12 जून (हि.स.)। दुनिया के सामने चीन के झूठ को उजागर करने वाली भारतीय मूल की महिला पत्रकार मेघा राजगोपालन को पुलित्जर पुरस्कार 2021 से सम्मानित किया गया है। मेघा के साथ ही उनके दो सहयोगियों को भी सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही मिनियापोलिस पुलिस अधिकारी द्वारा अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड को गिरफ्तारी के बाद जमीन पर गिराए जाने का वीडियो अपने फोन से रिकॉर्ड करने वाली 17 वर्षीय डार्नेला फ्रेजियर को विशेष रूप से सम्मानित किया गया है। दुनिया में यह पत्रकारिता जगत का सबसे बड़ा पुरस्कार माना जाता है। भारतीय मूल की मेघा ने अपनी स्टोरी में चीन के डिटेंशन कैंपों में लोगों को दी जा रही यातनाओं की सच्चाई का खुलासा किया था। उन्होंने सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर बताया था कि चीन ने कैसे लाखों की संख्या में उइगर मुस्लिमों को कैद करके रखा हुआ है। मेघा राजगोपालन ने अपने पिता के बधाई संदेश को ट्विटर पर पोस्ट किया। उनके पिता ने लिखा कि बधाई मेघा, मम्मी ने मुझे अभी यह संदेश भेजा है। पुलित्जर पुरस्कार। बहुत बढ़िया। जिसके जवाब में मेघा ने थैंक्स लिखकर उत्तर दिया। मेघा बताती हैं कि जब उन्हें पुरस्कार मिला तो वह हैरान रह गईं कि उन्हें सम्मानित किया गया है। मेघा ने इस पुरस्कार के लिए विशेष रूप से पूर्व बंदियों का आभार जताया है जिन्होंने बताया कि चीन के शिनजियांग प्रांत के शिविरों में उनके साथ क्या हुआ था। मेघा कहती हैं कि अभी बहुत काम करना बाकी है। मेघा लंदन से काम कर रही थीं। मेघा ने इस दौरान अपने दो सहयोगियों एलिसन किलिंग जो पेशे से आर्कीटेक्ट हैं औऱ क्रिस्टो बसचेक के साथ मिलकर काम किया। वह डेटा पत्रकारों के लिए टूल्स बनाते हैं। उल्लेखनीय है कि पहले पुरस्कार समारोह का आयोजन 19 अप्रैल को होना था लेकिन इसे 11 जून तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। पिछले साल भारत के तीन पत्रकारों- चन्नी आनंद, दार यासीन और मुख्तार खान को पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पत्रकारिता के क्षेत्र में पुलित्जर पुरस्कार सबसे पहले 1917 में दिया गया था। डार्नेला को मिला पुलित्जर प्रशस्ति पत्र अमेरिका की मिनियापोलिस पुलिस अधिकारी द्वारा अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड को गिरफ्तारी के बाद जमीन पर गिराए जाने का वीडियो अपने फोन से रिकॉर्ड करने वाली 17 वर्षीय डार्नेला फ्रेजियर को पुलित्जर की तरफ से विशेष प्रशस्ति पत्र दिया गया है। उनके वीडियो ने नस्लवाद के खिलाफ वैश्विक प्रदर्शन शुरू करने में मदद की थी। डार्नेला ने 25 मई, 2020 को फ्लॉयड की गिरफ्तारी और मौत की घटना को रिकॉर्ड किया था। पुलित्जर की तरफ से कहा गया कि डार्नेला को जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या की घटना को बिना किसी डर के रिकॉर्ड करने के लिए शुक्रवार को प्रशस्ति पत्र दिया गया। हिन्दुस्थान समाचार/सुप्रभा सक्सेना

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