अगर मातृभूमि को मां समझें तो सीपीसी महान पिता जैसी

 अगर मातृभूमि को मां समझें तो सीपीसी महान पिता जैसी
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बीजिंग, 20 जून (आईएएनएस)। दोस्तों, लोग हमेशा अपनी मातृभूमि को मां पुकारते हैं। ऐसा क्यों? क्योंकि मां न सिर्फ हमें जीवन देती हैं, बल्कि हमें खूब प्यार भी करती हैं। मातृभूमि तो मां की तरह हमें प्यार देती है। उधर, परिवार में पिता जी की क्या भूमिका है? पिता जी एक परिवार के लिये स्तंभ जैसे होते हैं, वे परिवार के हर सदस्य की रक्षा करते हैं, चुपचाप परिवार के लिये योगदान देते हैं, और विकास की दिशा भी दिखाते हैं। खास तौर पर चीनी लोगों की बात करें तो अगर वे मातृभूमि को मां कहते हैं, तो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी उनके पिता के समान हैं। इस वर्ष 20 जून को पिता दिवस मनाया जाता है। तो इस रिपोर्ट में हम सीपीसी इस महान पिता के बारे में चर्चा करेंगे। गौरतलब है कि स्थापना से अब तक चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को सौ वर्ष बीत चुके हैं। इस दौरान चीनी लोगों ने उथल-पुथल, जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध, चीन की मुक्ति, चीन लोक गणराज्य की स्थापना, नए चीन का निर्माण, सुधार व खुलेपन को देखा। आखिर चीनी लोगों ने आज की स्थिरता, सामंजस्य व समृद्धि का स्वागत किया। इस के बीच चीन की सत्तारूढ़ पार्टी सीपीसी ने बारी बारी से चुनौतियों, खतरों व धमकियों का सामना किया, क्योंकि सीपीसी का उद्देश्य तो सच्चे दिल से जनता की सेवा देना है। वह एक वफादार पिता की तरह, चाहे मुश्किल काल में या शांतिपूर्ण काल में हमेशा चुपचाप चीन इस परिवार का समर्थन देता है। सीपीसी के नेतृत्व में चीनी लोगों ने बारी-बारी विश्व में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। बहुत दूर की बातें कहने की जरूरत नहीं है। हम केवल हाल के कई वर्षों में चीन द्वारा प्राप्त उपलब्धियों की चर्चा करते हैं। वर्ष 2020 चीन की 13वीं पंचवर्षीय योजना का समापन वर्ष है। ठीक इसी वर्ष चीनी जनता ने व्यापक रूप से खुशहाल समाज के निर्माण में ऐतिहासिक उपलब्धियां और गरीबी के खिलाफ लड़ाई में जीत हासिल की। चीन में मौजूदा मापदंड के तले लगभग 10 करोड़ ग्रामीण गरीब आबादी गरीबी के पंजे से मुक्त हो गई। साथ ही चीन ने निश्चित समय से 10 साल पहले संयुक्त राष्ट्र संघ के वर्ष 2030 अनवरत विकास कार्यक्रम का लक्ष्य पूरा किया है। यह मानव के गरीबी उन्मूलन के इतिहास में एक अभूतपूर्व कार्रवाई व करिश्मा है। उधर, कोविड-19 महामारी की रोकथाम व नियंत्रण कार्य में देशभर की विभिन्न जातीय जनता ने सीपीसी के नेतृत्व में मिल-जुलकर काम किया और इस संकट को दूर किया। महामारी के प्रकोप के बाद बहुत से चिकित्सकों ने परिजनों से बिदा लेकर अपनी सुरक्षा की उपेक्षा करके महामारी के क्षेत्रों में प्रवेश किया। जीवन से जुड़ी तमाम सामग्री और चिकित्सा के लिए कई उपकरण चीन के विभिन्न क्षेत्रों से हुपेइ प्रांत के वुहान शहर में भेजे। महामारी की रोकथाम करने के लिए चीन की जनता ने गंभीरता से संबंधित नियमों का पालन किया। और महामारी की रोकथाम में प्राप्त उपलब्धियों की रक्षा करने के लिये चीनी जनता ने सक्रिय रूप से टीके लगवाए। इन सभी कार्यों में सीपीसी के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। और हाल ही में शनचो-12 मानवयुक्त अंतरिक्ष यान ने अपनी कक्षा में प्रवेश कर सुचारु रूप से ऑन-ट्रैक स्थिति सेटिंग को पूरा किया। पेइचिंग समयानुसार 17 जून को इसे ऑटोनॉमस रैपिड मिलन और डॉकिंग मोड को अपनाकर थ्येन-ह मुख्य केबिन के साथ सफलतापूर्वक डॉक किया गया। यह पहली बार है कि थ्येन-ह कोर केबिन ने मानवयुक्त अंतरिक्ष यान के साथ डॉक किया। ठीक उसी रात को तीन अंतरिक्ष यात्रियों ने क्रमश: थ्येन-ह मुख्य केबिन में प्रवेश किया। इससे जाहिर हुआ है कि चीनी अंतरिक्ष यात्रियों ने पहली बार अपने अंतरिक्ष स्टेशन में प्रवेश किया। उन सफलताओं का सिंहावलोकन करते हुए चीनी लोग सीपीसी का सम्मान व आदर करते हैं, जैसे बच्चे अपने पिता जी का सम्मान करते हैं, क्योंकि सीपीसी के कंधे पर खड़े होकर चीनी लोग विश्व को देख पाते हैं, और विश्व का ध्यान भी चीनी लोगों पर केंद्रित हुआ है। (चंद्रिमा : चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) --आईएएनएस एसजीके

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