वार्ता ईरानी परमाणु समस्या को हल करने का एकमात्र सही रास्ता
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वार्ता ईरानी परमाणु समस्या को हल करने का एकमात्र सही रास्ता

बीजिंग, 30 नवंबर (आईएएनएस)। 29 नवम्बर को ईरानी परमाणु समस्या के समग्र समझौते की संयुक्त समिति की बैठक वियना में बुलायी गयी। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच समझौते का पालन करने की बहाली करने की वार्ता प्रक्रिया पुन: शुरू हो गयी। बैठक की अध्यक्षता यूरोपीय वैदेशिक एक्शन कार्यालय के उप महासचिव द्वारा की गयी। ईरानी उप विदेश मंत्री, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी आदि देशों के पदाधिकारी बैठक में उपस्थित रहे। चीनी वार्ता प्रतिनिधि और वियना स्थित चीनी स्थायी प्रतिनिधि वांग छ्वन ने प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में हिस्सा लिया। वार्ता में वांग छ्वन ने इस वार्ता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने आशा जताई कि विभिन्न पक्ष इस मौके को पकड़कर आपसी हितों का सम्मान कर अनसुलझी समस्याओं का हल निकालने की कोशिश करेंगे, ताकि समझौते के यथाशीघ्र सही रास्ते पर वापस लौटने को आगे बढ़ाया जा सके। वांग छ्वन ने जोर दिया कि चीन हमेशा समग्र समझौते की रक्षा करता रहेगा। चीन विभिन्न स्तरीय क्षेत्रों में रूस, ईरान, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे विभिन्न पक्षों के साथ घनिष्ट संपर्क बरकरार रखेगा। ईरानी परमाणु समस्या का राजनीतिक समाधान भी अच्छे मौके का स्वागत करेगा। चीन सच्चे बहुपक्षवाद का कार्यान्वयन करेगा और रचनात्मक रवैये से अगले चरण की वार्ता में हिस्सा लेगा। यूरोपीय वैदेशिक एक्शन कार्यालय के उप महासचिव मोला ने बैठक के बाद मीडिया से कहा कि बैठक में स्थिति अति सक्रिय रही। ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने इस समझौते को गतिशील बनाने की इच्छा प्रकट की। ईरानी पक्ष ने पहले छह दौर की वार्ता के परिणामों को स्वीकार किया। वार्ता पूर्व के आधार पर आगे चलेगी। रूसी वातार्कार ने भी सोशल मीडिया के जरिए कहा कि नये दौर की वार्ता सफल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति के ईरानी मामलों के विशेष दूत रॉबर्ट माल्ले भी प्रतिनिधिमंडल के साथ वियना पहुंचे। चूंकि अमेरिका ईरानी परमाणु समझौते से हट गया था, इसलिए ईरान ने अमेरिका के साथ प्रत्यक्ष संपर्क करने से इनकार किया। अमेरिकी प्रतिनिधि बैठक में हिस्सा नहीं ले सकते, लेकिन अमेरिका अप्रत्यक्ष रूप से वार्ता में भाग लेगा। गौरतलब है कि जुलाई 2016 में ईरान ने अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, चीन और जर्मनी के साथ ईरानी परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किये। मई 2018 में अमेरिका सरकार एक तरफा तौर पर इस समझौते से हट गयी, फिर ईरान के खिलाफ सिलसिलेवार पाबंदी लगानी शुरू की। मई 2019 में ईरान ने कदम ब कदम इस समझौते की कुछ धाराओं के कार्यान्वयन को बंद कर दिया, लेकिन ईरान ने वचन दिया कि ईरान पुन: इसका पालन करेगा। ईरानी परमाणु समझौते के संबंधित पक्षों ने इस साल के अप्रैल में वियना में वार्ता शुरू की। लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच भारी मतभेदों की वजह से 20 जून की छठी वार्ता के बाद नये दौर की वार्ता नहीं आयोजित की गयी। ईरान और यूरोपीय संघ ने 3 नवम्बर को घोषणा की कि ईरानी परमाणु समझौते की वार्ता 29 नवम्बर को पुन: शुरू होगी। (साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) --आईएएनएस एएनएम

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