चीनी अंतरिक्ष स्टेशन अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग का नया मंच बनेगा : विदेशी विशेषज्ञ और विद्वान

 चीनी अंतरिक्ष स्टेशन अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग का नया मंच बनेगा : विदेशी विशेषज्ञ और विद्वान
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बीजिंग, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। चीनी मानवयुक्त अंतरिक्ष परियोजना कार्यलय (सीएमएसईओ) के मुताबिक, 15 अक्तूबर की रात 12 बजकर 23 मिनट पर दो पुरुष अंतरिक्ष यात्री चाई चीगांग व ये गुआंगफू और एक महिला अंतरिक्ष यात्री वांग याफिंग आदि तीन चीनी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ शनचो-13 मानवयुक्त अंतरिक्ष यान सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजा गया। योजनानुसार तीन अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में 6 महीने तक ठहरेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब वर्ष 2024 से वर्ष 2028 तक के बीच अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन उपयोग को बंद किया जाएगा, तो चीनी अंतरिक्ष स्टेशन पूरे अंतरिक्ष में एकमात्र मानव अंतरिक्ष स्टेशन होगा। कुछ पश्चिमी देशों के अंतरिक्ष एकाधिकार के विपरीत चीन का मानवयुक्त अंतरिक्ष परियोजना कार्यालय हमेशा शांतिपूर्ण उपयोग, समानता और पारस्परिक लाभ और सामान्य विकास के सिद्धांतों का पालन करता है। चीन अपनी अंतरिक्ष स्टेशन को सभी मानव जाति को लाभ पहुंचाने वाला अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग और विनिमय मंच बनाने के लिये प्रयास जारी रखता है। 14 अक्तूबर को चीनी मानवयुक्त अंतरिक्ष यान शनचो-13 के संवाददाता सम्मेलन में सीएमएसईओ के उपाध्यक्ष लीन शीछांग ने कहा कि चीन अन्य देशों के अंतरिक्ष यात्रियों का चीनी अंतरिक्ष स्टेशन में प्रवेश करने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग करने का स्वागत करता है। लीन शीछांग ने कहा कि मानवयुक्त अंतरिक्ष अन्वेषण मानव जाति का एक सामान्य कार्य है, और यह दुनिया के सभी देशों के सहयोग से अविभाज्य है। मानवयुक्त अंतरिक्ष यान के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मानव जाति के भाग्य समुदाय के निर्माण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। चीनी अंतरिक्ष स्टेशन इस्तेमाल में संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों के लिए खुलेपन होने वाला पहला अंतरिक्ष स्टेशन है। वर्तमान तक चीन और संयुक्त राष्ट्र ने चीनी अंतरिक्ष स्टेशन के अनुप्रयोग पर अंतरिक्ष प्रयोगशाला की परियोजनाओं के पहला बैच के चयन को पूरा कर लिया है। 17 देशों और 23 संस्थाओं की 9 परियोजनाएं चयनित हैं। वहीं, सीएमएसईओ ने रूस, जर्मनी, फ्रांस, इटली, पाकिस्तान और अन्य देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों, बाहरी अंतरिक्ष मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय और ईएसए आदि अंतरिक्ष संगठनों के साथ सहयोग रूपरेखा समझौतों पर हस्ताक्षर किए और विभिन्न प्रकार के सहयोग और आदान-प्रदान किए। अंतरिक्ष स्टेशन के चरण में प्रवेश करते हुए चीन अंतरिक्ष स्टेशन के कार्य विस्तार, अंतरिक्ष विज्ञान व अनुप्रयोग, चीनी व विदेशी अंतरिक्ष यात्रियों की संयुक्त उड़ान और तकनीकी उपलब्धियों के परिवर्तन आदि क्षेत्रों में अधिक व्यापक एवं गहन अंतर्राष्ट्रीय सहयोग करने की योजना बना रहा है, ताकि चीनी अंतरिक्ष स्टेशन एक अंतरिक्ष प्रयोगशाला बन सके। उल्लेखनीय है कि चीनी अंतरिक्ष स्टेशन पर सहयोग करने में चीन तकनीक और पूंजी की कमी होने वाले विकासशील देशों की जरूरतों पर काफी ध्यान देता है। चीनी अंतरिक्ष स्टेशन से इन विकासशील देशों को अंतरिक्ष में प्रवेश करके विभिन्न विज्ञान प्रयोग करने के अवसर मिले हैं। चीनी अंतरिक्ष स्टेशन एक विकासशील देशों के लिए अंतरिक्ष घर बनेगा। इसीलिये अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में तकनीकी विकास की खाई को पाटा जा सकेगा। शांतिपूर्ण विकास और अंतरिक्ष के उपयोग में सभी देश की समान भागीदारी को पूरा किया जाएगा। यूएनओओएसए की प्रभारी सिमोनेटा डि पिप्पो ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के लिये चीनी अंरिक्ष स्टेशन के खुलेपन की प्रशंसा की। सिमोनेटा डि पिप्पो ने कहा कि इस कदम से अंतर्राष्ट्रीय मानवयुक्त अंतरिक्ष सहयोग को काफी बढ़ाया है। इसीलिए और ज्यादा देश मानवयुक्त अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी अनुसंधान में भाग ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र 2030 सतत विकास लक्ष्य का मजबूत समर्थन है। साक्षात्कार देते हुए फ्रेंच एयरोस्पेस विशेषज्ञ फिलिप कुए ने कहा कि चीनी अंतरिक्ष स्टेशन के थ्येनह नामक मुख्य केबिन में अंतरिक्ष मिशन पूरा करने से अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मौका मिलेगा। अंतर्राष्ट्रीय भागीदार चीन अंतरिक्ष स्टेशन परियोजनाओं में भाग ले सकेंगे। वहीं, विदेशी अंतरिक्ष यान इस स्टेशन से डॉकिंग कर सकेंगे। इसीलिये चीनी अंतरिक्ष स्टेशन अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग का नया मंच बनेगा। रूसी एयरोस्पेस विज्ञान संघ ओपन स्पेस के संस्थापक विटाली ईगोरोव ने कहा कि रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ने चीन से अंतरिक्ष सहयोग की परियोजना की। जब अंतरिक्ष क्षेत्र में चीन अधिक महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त करे, तो यह रूस में एयरोस्पेस अनुसंधान के विकास के लिये उपयोगी होगा। उन्होंने कहा कि सभी वैज्ञानिक अनुसंधान परिणाम अंतत: सभी मानव के लिये उपलब्धियां बनेंगी। चीन के एयरोस्पेस उद्योग की सफलता ने आसपास की दुनिया, ब्रह्मांड और मानव जाति की समझ में योगदान दिया। जाम्बिया के रेडियो एस्ट्रोनॉमी विशेषज्ञ कि़फ्ट ने कहा कि चीनी अंतरिक्ष स्टेशन थ्यानगोंग न केवल कोई एक देश की उपलब्धि है, बल्कि पूरी दुनिया और सभी मानव की आम महान उपलब्धि है। चीन के अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण वैश्विक एयरोस्पेस क्षेत्र में शानदार उपलब्धि है। साथ ही चीन की नई एयरोस्पेस तकनीक पूरे दुनिया को लाभ ला सकेगी। चीन अंतरिक्ष स्टेशन को मानव जाति को लाभ पहुंचाने वाली अंतरिक्ष प्रयोगशाला स्थापित करेगा, अंतरिक्ष विज्ञान, जीवन विज्ञान और अन्य संबंधित क्षेत्रों में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देगा, ब्रह्मांड के रहस्यों की मानव जाति की खोज और बाहरी अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग में अपना योगदान देगा। अंतरिक्ष स्टेशन निर्माण परियोजना के अनुसार, शनचो-13 समानव उड़ान मिशन को पूरा करने के बाद स्पेस स्टेशन का निर्माण शुरू होगा। फिर उचित समय पर अंतरिक्ष टेलिस्कोप लॉन्च किया जाएगा, जिसके जरिए अंतरिक्ष की जांच की जाएगी। योजनानुसार साल 2022 में अंतरिक्ष स्टेशन के कक्षीय निर्माण को पूरा किया जाएगा। (साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) --आईएएनएस एएनएम

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