Chinese government newspaper clarifies interference in Nepal, attacks on India
Chinese government newspaper clarifies interference in Nepal, attacks on India
दुनिया

नेपाल में दखल पर चीन के सरकारी अखबार ने दी सफाई, भारत पर लगाया आक्षेप

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नई दिल्ली, 29 दिसम्बर (हि.स.)। चीन का सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ जहां एक ओर नेपाल में जारी राजनीतिक संकट में चीनी हस्तक्षेप पर सफाई दे रहा है, वहीं भारत पर आरोप लगा रहा है कि भारत नेपाल के आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा था कि नेपाल में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के एक प्रतिनिधिमंडल की यात्रा महामारी नियंत्रण, प्रशासन और सामान्य हित के अन्य मुद्दों पर नेपाल के साथ आदान-प्रदान करने के लिए निर्धारित की गई थी। सीपीसी ने हमेशा हस्तक्षेप नहीं करने के सिद्धांतों को बरकरार रखा है। एक चीनी प्रोफेसर के हवाले से ग्लोबल टाइम्स ने नेपाल के राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप को चीनी हितों से जोड़ा है और कहा है कि वहां कई क्षेत्रों में देश ने निवेश किया है और कई क्षेत्रों में करीबी सहयोग चल रहा है। ऐसे में चीन नेपाल की आंतरिक राजनीति को लेकर चिंतित है और देश को पार्टियों के बीच संवाद बनाकर सहयोग दे रहा है। प्रोफेसर लिन मिनवांग के हवाले से सरकारी अखबार ने लिखा है कि अतीत और वर्तमान में भारत हमेशा से नेपाल के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने वाला सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली बाहरी घटक रहा है। अखबार ने एक अन्य शोधकर्ता हू झीयोंग के हवाले से लिखा है, “मुझे एक नेपाली जानकार ने बताया है कि भारत ने चीनी राजनयिकों और काठमांडू में अधिकारियों के साथ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं के बीच मिलने-जुलने पर निगरानी मिशन करने के लिए खुफिया एजेंट भेजे हैं। इस स्थिति में हस्तक्षेप कौन कर रहा है? जवाब साफ है।” उल्लेखनीय है कि नेपाल में जारी राजनीतिक संकट के बीच चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अंतरराष्ट्रीय विभाग के उप-मंत्री गुओ येझु के नेतृत्व में उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को काठमांडू में कई नेताओं के साथ बैठकें कीं। चार सदस्यीय चीनी प्रतिनिधिमंडल रविवार को एक चार्टर्ड उड़ान के जरिए यहां पहुंचा था। चीनी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के निचले सदन प्रतिनिधि सभा को भंग करने के फैसले से सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) में विभाजन के बाद हुई। 22 दिसम्बर को एनसीपी दो गुटों में विभाजित हो गयी थी। पहले गुट का नेतृत्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और दूसरे का नेतृत्व पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ और माधव कुमार नेपाल कर रहे हैं। दूसरा गुट प्रधानमंत्री के प्रतिनिधि सभा को भंग करने के फैसला का विरोध कर रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/अनूप-hindusthansamachar.in