अमेरिका द्वारा विश्व स्वास्थ्य सभा में पर्यवेक्षक हैसियत की थाईवान की पुन: प्राप्ति का विरोध करता है चीन

 अमेरिका द्वारा विश्व स्वास्थ्य सभा में पर्यवेक्षक हैसियत की थाईवान की पुन: प्राप्ति का विरोध करता है चीन
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बीजिंग, 31 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति ने हाल ही में थाईवान से संबंधित एक विधेयक पारित किया है, जिसमें विदेश मंत्रालय से विश्व स्वास्थ्य सभा के पर्यवेक्षक वाली हैसियत की पुन: प्राप्ति के लिए थाईवान की सहायता करने के लिए रणनीति तैयार करने की मांग की गई है। यह अमेरिका में कुछ लोगों द्वारा महामारी का उपयोग कर चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का नवीनतम कदम है, जो थाईवानी अधिकारी द्वारा महामारी से स्वतंत्रता की साजिश का समर्थन है। अमेरिका की कार्रवाई चीन और अमेरिका के बीच संपन्न तीन संयुक्त विज्ञप्तियों के नियमों का गंभीर उल्लंघन है, और साथ ही अंतर्राष्ट्रीय कानून तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मानदंडों का गंभीर उल्लंघन भी है। चीन ने इसका कड़ा विरोध किया है। पहले की ही तरह, अमेरिका और थाईवान महामारी कार्ड खेलते हैं, जो खुद को आनंदित करने के अलावा, कोई और भूमिका नहीं निभाते। इस तथाकथित थाईवान संबंधी विधेयक में उल्लेख किया गया है कि थाईवान को 2017 से लगातार कई वर्षों तक विश्व स्वास्थ्य सभा में पर्यवेक्षक के रूप में भाग लेने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है। इसका कारण क्या है? क्या अमेरिकी सांसदों को इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है? 2009 से 2016 तक, थाईवान क्षेत्र ने चीनी थाईपे के नाम और पर्यवेक्षक की हैसियत से विश्व स्वास्थ्य सभा में भाग लिया, जो जलडमरूमध्य के दोनों तटों द्वारा संपन्न एक-चीन सिद्धांत का पालन करने वाली 1992 आम सहमति के आधार पर परामर्श के माध्यम से की गई एक विशेष व्यवस्था है। लेकिन, थाईवानी मिनचिन पार्टी ने साल 2016 में सत्ता में आने के बाद 1992 आम सहमति को खारिज कर दिया और वह थाईवान स्वतंत्रता पर अडिग रही। इस तरह विश्व स्वास्थ्य सभा में थाईवान क्षेत्र के भाग लेने का राजनीतिक आधार नहीं रहा। इसी वजह से 2017 के बाद से, विश्व स्वास्थ्य सभा ने तथाकथित थाईवान को पर्यवेक्षक के रूप में विश्व स्वास्थ्य सभा में भाग लेने के लिए निमंत्रण वाले प्रस्ताव को सभा के एजेंडे में शामिल करने से लगातार इनकार किया है। इससे जाहिर है कि एक-चीन सिद्धांत एक अंतर्राष्ट्रीय सामान्य ज्ञान है और इसे चुनौती नहीं दी जानी चाहिए। महामारी कार्ड खेलना सिर्फ हाल ही में अमेरिका और थाईवान के बीच सांठगांठ का एक भाग है। लोगों ने देखा है कि अमेरिका द्वारा थाईवान से संबंधित विधेयक की स्थापना को जोर देने से लेकर थाईवान से संबंधित मुद्दों पर अमेरिकी अधिकारियों द्वारा बार-बार की गई गलत टिप्पणियों तक, फिर अमेरिकी सैन्य विमानों के थाईवान में लैंडिंग तक, अमेरिका के खतरनाक उकसावे लगातार थाईवान को खतरे में डाल रहे हैं। थाईवानी नेटिजनों का कहना है कि अमेरिका थाईवान का सौदेबाजी चिप के रूप में उपयोग करता है। लेकिन सौदेबाजी चिप की किस्मत कैसी होगी, इस बारे में कभी नहीं सोचता। थाईवान मुद्दा हमेशा चीन के मूल हितों से संबंधित रहा है। उकसावे की स्थिति में, चीन के पास इसे रोकने के लिए कोई भी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है। किसी को भी चीनी लोगों के अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता की रक्षा करने वाले ²ढ़ संकल्प और मजबूत क्षमता को कम करके नहीं आंकना चाहिए। ( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग ) --आईएएनएस एएनएम

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