चीन की पहल पर हो रहा है दक्षिण एशिया का आर्थिक विकास

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बीजिंग, 14 दिसम्बर (आईएएनएस)। चीन द्वारा बेल्ट एंड रोड पहल पेश किए जाने के बाद, उसे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से व्यापक समर्थन मिला है। दक्षिण एशिया बेल्ट एंड रोड पहल की प्रमुख विकास दिशा है। भारत दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा देश है, आर्थिक, सैन्य या राजनयिक स्तर पर भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दक्षिण पश्चिम चीन के सबसे महत्वपूर्ण पड़ोसी के रूप में, बेल्ट एंड रोड, विशेष रूप से 21वीं सदी के समुद्री सिल्क रोड के निर्माण के लिए भारत के रवैये का बहुत महत्व है। दक्षिण एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र में, चीन सड़कों और बंदरगाहों जैसे बुनियादी संस्थापनों के निर्माण में सुधार के लिए दक्षिण एशियाई और हिंद महासागर के देशों के साथ सहयोग करते हुए एक आर्थिक समुदाय बनाने के लिए इन देशों को औद्योगिक भागीदार बनाने की उम्मीद करता है। चूंकि बेल्ट एंड रोड पहल एक खुली पहल है, इसलिए चीन क्षेत्रीय सहयोग की पहल और संबंधित देशों की घरेलू विकास योजनाओं के साथ जुड़ने की भी उम्मीद करता है। यह निश्चित रूप से इन क्षेत्रों की आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देगा। ध्यान रहे, बेल्ट एंड रोड पहल को प्रस्तुत किये जाने और लागू किये जाने के बाद इसका दक्षिण एशिया और हिंद महासागर पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। पहला, बेल्ट एंड रोड पहल ने दक्षिण एशिया में बुनियादी संस्थापनों के निर्माण और आर्थिक विकास के साथ-साथ दक्षिण एशिया और चीन के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया है। बेल्ट एंड रोड पहल के मार्गदर्शन में, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे और चीन और भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव और अन्य देशों के बीच कई प्रमुख सहयोग परियोजनाओं को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे संबंधित देशों के आर्थिक विकास को मजबूती से बढ़ावा दिया जा रहा है, दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सहयोग को गहरा करने के लिए एक शक्तिशाली नई प्रेरणा भी प्रदान की जा रही है। चीन दक्षिण एशियाई देशों के लिए विदेशी पूंजी का मुख्य स्रोत और कुछ दक्षिण एशियाई देशों के लिए विदेशी पूंजी का सबसे बड़ा स्रोत बन गया है। दूसरा, बेल्ट एंड रोड पहल ने दक्षिण एशिया में कनेक्टिविटी के विकास को भी प्रेरित किया है। इस पहल के प्रोत्साहन या दबाव के तहत, दक्षिण एशियाई देशों ने भी अपनी खुद की इंटरकनेक्शन परियोजनाओं को प्रस्तावित या पुनर्जीवित किया है। तीसरा, बेल्ट एंड रोड पहल का भू-राजनीति पर भी प्रभाव पड़ा है। 2021 की पहली छमाही में, बेल्ट एंड रोड पहल से संबंधित 140 देशों में चीन का निवेश 19 अरब 30 करोड़ डॉलर रहा, और एशियाई क्षेत्र में चीन के बेल्ट एंड रोड निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा है। 2021 की पहली छमाही में, बेल्ट एंड रोड से संबंधित देशों में चीन के निवेश ने सभी प्रमुख उद्योगों को कवर किया, जिसका प्रमुख प्रभाव बुनियादी संस्थापन, विशेष रूप से ऊर्जा और परिवहन उद्योगों पर पड़ा है। (साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) --आईएएनएस एएनएम

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