संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगांठ का पहला दिन कोरोना के साये में सम्पन्न
संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगांठ का पहला दिन कोरोना के साये में सम्पन्न
दुनिया

संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगांठ का पहला दिन कोरोना के साये में सम्पन्न

news

- गुटेरस ने कहा, युद्ध नहीं तो क्या, चुनौतियाँ और भी बहुत हैं - मेज़बान अमेरिकी राष्ट्रपति नदारद थे और न ही स्वागत में कोई भाषण हुआ ललित मोहन बंसल न्यू यॉर्क, 22 सितम्बर (हि.स.)। संयुक्त राष्ट्र संघ की 75वीं वर्षगांठ पर सोमवार को मैनहटन के इर्दगिर्द की सड़कों पर पिछले वर्षों की तरह सुरक्षा बंदोबस्त में सायरन की न तो करणभेदी गूंज थी और न ही विश्व के नेताओं के वाहनों के लिए सड़कों को ख़ाली कराए जाने के लिए विशेष पुलिस बंदोबस्त की मारामारी। समारोह का पहला दिन ऐसे बीता जैसे कोरोनो महामारी के दंश ने सब को जकड़ रखा हो। मेज़बान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प नदारद थे। यहां तक कि उनका वीडियो रिकार्ड संबोधन भी नहीं हुआ। यह अमेरिका ही है, जो संयुक्त राष्ट्र के दस अरब डालर के सालाना बजट में अधिकाधिक धनराशि ख़र्च करता है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद गठित आज इस 193 सदस्यीय देशों के संगठन के प्रतिनिधि बतौर एक-एक दो-दो राजनयिक अपने-अपने चेहरों पर फ़ेस मास्क लगाए हुए थे। महासभा की बैठक 28 सितम्बर तक चलेगी। भारतीय प्रधानमंत्री का 26 सितम्बर को वीडियो रिकार्ड संबोधन होगा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस अवसर पर सभागार में संबोधित करते हुए इस बात के लिए अपनी पीठ थपथपाई कि दूसरे विश्व युद्ध की विभीषका से उत्पन्न इस संगठन के सदस्य देशों के सहयोग से तीसरे विश्व युद्ध की नौबत नहीं आई। साथ ही उन्होंने सदस्य देशों को सचेत भी किया कि संयुक्त राष्ट्र के सम्मुख क्षेत्रीय संघर्ष, भूख, गरीबी और जलवायु परिवर्तन और अब करोना महामारी ऐसी चुनौतियाँ मुंह बाए खड़ी हैं, जो विश्वयुद्ध आपदाओं से काम नहीं है। गुटेरस के अलावा अन्यान्य पदाधिकारियों ने भी मंच से भाषण दिए, जबकि अनेक नेताओं ने पूर्व-निर्धारित वीडियो के माध्यम से अपनी बधाई दी। ट्रम्प की अनुपस्थिति के लिए व्हाइट हाउस अथवा किसी अन्य अमेरिकी अधिकारी की ओर से तत्काल स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। उम्मीद की जा रही है कि मंगलवार से शुरू होने वाले राष्ट्रीय नेताओं के अभिभाषणों के दौरान अमेरिका से कोई प्रतिनिधित्व करेंगे। अमेरिकी मिशन के उप स्थायी प्रतिनिधि ने ज़रूर मौजूदा राजनयिकों का स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण के कारण गत जून में ही फ़ैसला कर लिया गया था कि कोरोना महामारी के कारण वार्षिक महासभा की बैठक वर्चुएल आनलाइन होगी और विश्व नेतागण वीडियो रिकार्ड भाषण देंगे। हिन्दुस्थान समाचार-hindusthansamachar.in