चीन में हर पत्रकार निगरानी में है : एबीसी पत्रकार
चीन में हर पत्रकार निगरानी में है : एबीसी पत्रकार
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चीन में हर पत्रकार निगरानी में है : एबीसी पत्रकार

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कैनबेरा, 22 सितम्बर (हि.स.)। एबीसी में कार्यरत पत्रकार ने अपनी कहानी सुनाते हुए इस बात का खुलासा किया है कि चीन में हर पत्रकार निगरानी में है। साथ ही उन्होंने यह भा बताया कि किस तरह उनके परिवार को चीनी प्रशासन ने धमकाया और वो वहां से भाग गए। एबीसी में साल 2016 से साल 2018 तक चीन मे ब्यूरो चीफ रहे पत्रकार मैथ्यू कार्ने ने बताया कि किस तरह उन्हें साल 2018 के अगस्त महीने में सेंट्रल साइबर स्पेस अफेयर कमीशन से एक फोन कॉल आया और तीन महीनों तक उन्हें और उनके परिवार को चीन प्रशासन द्वारा धमकाया गया जिसके बाद मजबूरन उन्हें चीन छोड़ना पड़ा। सेंट्रल साइबर स्पेस अफेयर कमीशन के अधिकारी ने उन्हें कहा कि उनकी रिपोर्टिंग से चीन के नियम और कानूनों का उल्लंघन हुआ है। साथ ही अवैध और खतरनाक अफवाहें फैली हैं जिससे राष्ट्र की सुरक्षा और राष्ट्रीय गौरव को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि यह हकीकत है कि चीन में हर पत्रकार निगरानी में है। कार्ने ने बताया कि उनकी टीम के 20 सदस्य चीन के स्वायत्त क्षेत्र शिंजियांग में उइगरों को हिरासत में लेने पर रिपोर्टिंग कर रहे थे तो आधी रात को सुरक्षा अधिकारी आकर होटल का दरवाजा खटखटाकर उनकी पूरे दिन की गतिविधियों के बारे में जानकारी लेते रहते थे। उन्होंने चीन सरकार के उनको डराने धमकाने के कुछ भयावह खुलासे करते हुए बताया कि एक दिन तड़के उन्हें पता लगा कि कोई रिमोट सिस्टम से उनके ईमेल और फोन को हैक कर रहा है। चीनी प्रशासन से फोन आने के बाद लगातार कार्ले को धमकाया गया। उन्होंने बताया कि पत्रकारों को रेजिडेंसी वीजा को चीनी प्रशासन की ओर से रिन्यू नहीं करने की भी लगातार धमका दी जाती है। कार्ने कहते हैं कि बहुत कुछ सहन करने के बाद उन्होंने एक अमेरिकी वकील से संपर्क किया जिन्होंने तत्काल कार्ने को चीन छोड़ने का आग्रह किया। दिसम्बर की सर्द रात में वह अपने परिवार के साथ सिडनी के लिए फ्लाइट में बैठे लेकिन उन्हें अच्छा नहीं लगा। हिन्दुस्थान समाचार/सुप्रभा सक्सेना-hindusthansamachar.in