अमेरिकी सासदों ने टेक मठाधीशों की जम कर क्लास ली
अमेरिकी सासदों ने टेक मठाधीशों की जम कर क्लास ली
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अमेरिकी सासदों ने टेक मठाधीशों की जम कर क्लास ली

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-टेक कंपनियों गुगुल, फ़ेसबुक और अमेजन के शीर्ष अधिकारियों का सांसदों से जवाब-तलब लॉस एंजेल्स, 30 जुलाई (हि.स)। अमेरिकी कांग्रेस में जन प्रतिनिधियों (सासदों) ने बुुधवार को दुनिया की चार बड़ी टेक कंपनियों- गुगल, फ़ेसबुक, एपल और अमेजन के शीर्ष पदाधिकारियों की जम कर क्लास ली। उन पर आरोप था कि वे एकाधिकार के मार्ग पर चल रहे है, जिससे उनके अन्यान्य प्रतिस्पर्धियों को मुंह की खानी पड़ रही है। सदन की एक एंटी ट्रस्ट कमेटी के जन प्रतिनिधियों के सम्मुख एक विचारणीय सवाल यह था कि क्या वास्तव में इन बड़ी टेक कंपनियों के कार्यकलापों से देश की इकानमी को कोई क्षति हुई है? इस समिति के सदस्यों की ओर से बुलाई गई 'वर्चुएल मैराथन बैठक' में गुगुल के सीईओ सुंदर पिचई, फ़ेसबुक से मार्क जुकरबर्ग, अमेजन से जेफ़ बेजोस और एपल से सीईओ पेश हुए। बैठक शुरू होते ही सदस्यों ने इन कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों को 'महाराज' के टाइटल से नवाजते हुए गुगल सीईओ को इसलिए लताड़ लगाई कि वह अन्यान्य वेबसाइट को 'ट्रैफ़िक' नहीं दे रहे हैं, तो फ़ेसबुक से यह कहा गया कि वह एकाधिकार मनोवृति के चलते उन्होंने 'इंस्टाग्राम' को ही ख़रीद लिया है। फिर अमेजन के बारे कहा गया कि उसने और नहीं और बच्चों के 'डायपर' की क़ीमतें ही बढ़ा दी हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस सब कमेटी के चेयरमैन डेविड चिचिल्लिने ने बैठक की शुरुआत ही 'महाराज' के संबोधन के तंज कसते हुए की कि हमारे संस्थापकों ने भी भी कभी इनके सम्मुख सिर नहीं झुकाया तो उन्हें क्या ज़रूरत पड़ी है कि वे इन ऑनलाइन महाराजाओं के सम्मुख सिर झुकाएँ? उनका कहना था कि इनके पास असीमित शक्तियाँ है। इन्होंने नई-नई खोज के रास्तों पर अंकुश लगा दिए हैं, उपभोक्ताओं की बढ़ती इच्छाएँ कुंठित कर दी है। सुंदर पिछाई ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वेबपेज में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और उन्होंने हमेशा यूज़र्स को प्राथमिकता दी है। मार्क जुकरबर्ग ने इस बात से इनकार किया कि इंस्टाग्राम के क्रय में किसी तरह के नियमों की अनदेखी की गई है। इंस्टाग्राम जब ख़रीदा था, तब उन्हें नहीं मालूम था कि आने वाले समय में इसकी क्या स्थिति होगी। आज यह फ़ेसबुक की वजह से चर्चित है। दुनिया के सब से अमीर अमेजन सीईओ जेफ़ बेजोस ने एक सवाल के जवाब में कहा कि बेशक कर्मचारियों ने कंपनी की नीतियों के ख़िलाफ़ तीसरी कंपनी से डाटा का इस्तेमाल किया, लेकिन वह इसकी जाँच करा रहे हैं। इस पर वाशिंगटन से भारतीय मूल की प्रोमिला जायपाल ने सवाल उठाया कि कंपनी कर्मचारी फिर से ऐसा कृत्य करता है, तो क्या कार्रवाई करेंगे? इस पर जेफ़ बेजोस ने जवाब दिया कि वह इसकी कोई गारंटी नहीं दे सकते, सिवाय इसके कि यह कृत्य कंपनी की नीतियों के विरुद्ध है। हिन्दुस्थान समाचार/आकाश-hindusthansamachar.in