खुद को मसीहा बताना मुख्यमंत्री गहलोत की फितरत : भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
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खुद को मसीहा बताना मुख्यमंत्री गहलोत की फितरत : भाजपा प्रदेशाध्यक्ष

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जयपुर, 11 जून (हि. स.)। राज्यसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी पर लग रहे विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने गुरुवार को राज्य की गहलोत सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की फितरत रही है कि वे खुद को सदैव मसीहा साबित करते रहे हैं। गुजरात व मध्यप्रदेश का उदाहरण दिया गया हैं, अगर उनमें थोड़ी सी भी शर्म, नैतिकता, ईमानदारी शेष हो तो वे इसका प्रमाण पेश करें। पत्रकारों से बातचीत में डॉ. पूनियां ने कहा कि गुजरे डेढ़ सालों में राजस्थान की गहलोत सरकार कई मोर्चों पर फेल साबित हुई हैं। पार्टी में अंर्तकलह जगजाहिर हुई है। इसी का प्रमाण है कि बुधवार को उनके सभी विधायकों की बाड़ाबंदी की गई है। पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह तो खुलेआम सरकार के चिकित्सा विभाग की कमजोर कडिय़ों को आमजन के सामने लाते रहे हैं। डॉ. पूनियां ने कहा कि विधायकों की बाड़ाबंदी से यह तो साफ हो गया कि राजस्थान में सरकार कमजोर हैं और उनमें अंर्तकलह है। गुजरात व मध्यप्रदेश का उदाहरण दिया गया हैं, इसमें कोई डील हुई, इसका कोई प्रमाण नहीं है। कांग्रेस पार्टी वैचारिक तौर पर लोगों के मन से उतर गई है। उनके खुद के विधायक पीएम मोदी और भाजपा की नीतियों पर भरोसा करते है। राजस्थान सरकार में जिस तरह की अंर्तकलह और अंर्तविरोध था, उसकी बुनियाद विधायकों की बाड़ाबंदी से परिपक्व हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह पिछले डेढ़ सालों से दिख रहा है कि सदन में उनके वरिष्ठ विधायकों ने वीआरएस तक लेने की बातें कही है। उनके खुद के विधायक सरकार और मंत्रियों के खिलाफ बोलते रहे हैं। बातों से और जनता के बीच भ्रम फैलाने से कुछ नहीं होता, अगर उन्होंने आरोप लगाए हैं तो इनका प्रमाण देना होगा। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संदीप-hindusthansamachar.in