गंगा में नौका संचालन की मिली अनुमति, घाट गुलजार
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गंगा में नौका संचालन की मिली अनुमति, घाट गुलजार

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- जिलाधिकारी ने नौकायन कर राजघाट से अस्सी तक घाटों का लिया जायजा - नाविकों को सुरक्षा मानक का ध्यान रखने का दिया निर्देश वाराणसी, 23 जून (हि.स.)। कोरोना संकट काल में लगभग तीन माह के बाद जिला प्रशासन ने गंगा में नाव चलाने की अनुमति दे दी। रोजी रोटी के संकट से जूझ रहे नाविक अनुमति मिलते ही मंगलवार को लंगर में बंधी नावों को लेकर गंगा की गोद में यात्रियों को लेकर चल पड़े। अरसे बाद गंगा में नावों के चलने और चप्पुओं की छप्प-छप्प से गंगा नदी में बिखरा सन्नाटा भी टूट गया और घाटों पर इसका नजारा लेने वाले भी पहुंचने लगे। उधर, गंगा में नाव संचालन की अनुमति देने के बाद जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा भी दशाश्वमेध घाट पर पहुंचे और सीधे नाविक शम्भू साहनी के नौका में बैठ गये। यह देख पहले नाविक सहमा फिर पूरे पेशेवर अंदाज में जिलाधिकारी को गंगा में नौकायन कराया। जिलाधिकारी ने नाविक से बातचीत करते हुए राजघाट से अस्सीघाट तक घाटों का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने घाट पर नौका संचालन को लेकर माझियों से बातचीत की। उन्होंने नाविकों से कहा कि कोरोना संकट काल में नौका संचालन के दौरान तय मानक और शारीरिक दूरी के नियमों का पालन कर ही यात्री बैठाये। नाव में भी यात्री और नाविक मास्क लगाकर बैठेंगे। सुरक्षा के पूरे उपकरण भी नाव में उपलब्ध होना चाहिए। चलते समय जिलाधिकारी ने नाव में बैठाने के लिए नाविक शंभू को मेहनताना दो हजार रूपये दिये तो उसने कहा साहब 100 रूपये ही हुए। इस पर जिलाधिकारी ने कहा रूपये रख लो। घर जाते समय बच्चों के लिए मिष्ठान जरूर लेकर जाना। आज खुशी का दिन है। डीएम के मानवीय अंदाज को देख नाविक और उसके परिजन काफी खुश दिखे। बताते चले लॉकडाउन अनलॉक में जिला प्रशासन ने गंगा में नौका संचालन के लिए सशर्त अनुमति दी है। नाविकों को गंगा में नाव चलाने के दौरान सैनिटाइजर रखना आवश्यक है। नाविक एक साथ पांच पर्यटक ही नाव में बैठा पाएंगे। नाविकों को नगर निगम में नाव संचालन के लिए अपना विवरण बेब लिंक पर भर कर देना है, तभी नाव संचालन हेतु अनुमन्य होंगे। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/उपेन्द्र/मोहित-hindusthansamachar.in