मनरेगा और खाद्य सुरक्षा कानून लागू नहीं होता, तो विकट स्थिति होती : रामेश्वर
मनरेगा और खाद्य सुरक्षा कानून लागू नहीं होता, तो विकट स्थिति होती : रामेश्वर
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मनरेगा और खाद्य सुरक्षा कानून लागू नहीं होता, तो विकट स्थिति होती : रामेश्वर

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रांची, 09 जून (हि. स.)। झारखंड प्रदेश कांग्रेस राहत निगरानी (कोविड-19) समिति की बैठक मंगलवार को रांची स्थित पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में हुई। मौके पर रामेश्वर उरांव ने कहा कि यदि कोरोना महामारी के दौरान मनरेगा और खाद्य सुरक्षा कानून लागू नहीं होता, तो आज कितनी विकट स्थिति उत्पन्न होती। इसकी परिकल्पना नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि दोनों ही योजनाएं आज देशवासियों के लिए वरदान साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि यूपीए शासन शुरू इन दोनों योजनाओं की सराहना पूरी दुनिया ने की। इन्हीं दोनों योजनाओं से जब पूरी दुनिया आर्थिक मंदी की चपेट में था, भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाये रखने में सफलता हासिल की। उरांव ने कहा कि सोनिया गांधी की दूरदर्शी सोच का ही यह परिणाम है कि आपातकाल के इस संकट में खाद्य सुरक्षा कानून तथा मनरेगा इस देश को जीवंत रखा। उरांव ने कहा कि संकट के इस दौर में राज्य सरकार द्वारा राजस्व बढ़ाने को लेकर प्रोफेशनल्स टैक्स और अन्य मामलों में कई कठोर फैसले लिये जा सकते है। विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने बताया कि मनरेगा और खाद्य सुरक्षा कानून से कोरोना आपातकाल में बड़ी राहत मिली है। आज हर ओर पलायन की स्थिति है और राशन उपलब्ध कराये जाने की जरूरत है। ऐसी स्थिति में झारखंड सरकार इन दोनों योजनाओं की मदद से लोगों को लगातार सहायता उपलब्ध कराने में जुटी है। मनरेगा के अलावा बिरसा हरित योजना एवं पोटो खेल योजना समेत अन्य योजनाएं शुरू की गयी है। इन सभी योजनाओं में मशीन का उपयोग वर्जित है और श्रमिकों को काम मिल रहा है। संकट की इस घड़ी में आज करीब साढ़े छह लाख लोगों को काम मिल रहा है। सरकार ने 10 लाख लोगों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पंचायत में ही रोजगार उपलब्ध कराने की योजना बनायी है। बादल पत्रलेख ने कहा कि सरकार कृषि के क्षेत्र में विशेष रूप से ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रयास कर रही है। कृषि के क्षेत्र में आपार संभावनाएं हैं जिसकी अनदेखी की गई थी। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में ऑन लॉक वन में काफी रियायतों के साथ काम शुरू कर दिये गये हैं। बैठक में विधायक डॉ इरफान अंसारी के साथ प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, राहत निगरानी समिति के सदस्य आलोक कुमार दूबे, राजेश गुप्ता छोटू और लाल किशोरनाथ शाहदेव, सन्नी टोप्पो भी उपस्थित थे। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण/ वंदना-hindusthansamachar.in